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स्मार्टफोन को कितने बार चार्ज करना चाहिए, क्या आपको चार्जिंग का 'गोल्डेन रूल' नियम मालूम है?

स्मार्टफोन यूजर्स के सामने एक समस्या सबसे कॉमन है कि हर किसी को बैटरी बैकअप और बैटरी की लाइफ (Battery Health) कमजोर होने की समस्या होती रहती है। अगर आप भी इससे परेशान है तो आपको स्मार्टफोन चार्जिंग का गोल्डेन रूल मालूम होना चाहिए

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गलत तरह से चार्जिंग की वजह से भी स्मार्टफोन की लाइफ कम हो जाती है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, यह हमारे हाथों में रहता है।स्मार्टफोन यूजर्स के बीच हमेशा एक सवाल बना रहता है - "फोन को दिन में कितनी बार चार्ज करना चाहिए?" या "क्या रातभर फोन चार्ज पर लगाने से बैटरी खराब हो जाती है?" बहुत कम लोगों को इस बारे में जानकारी होती है कि गलत तरीके से चार्जिंग की वजह से भी स्मार्टफोन खराब हो जाता है।

स्मार्टफोन यूजर्स के सामने एक समस्या सबसे कॉमन है कि हर किसी को बैटरी बैकअप और बैटरी की लाइफ (Battery Health) कमजोर होने की समस्या होती रहती है। अगर आप भी इससे परेशान है तो आपको स्मार्टफोन चार्जिंग का गोल्डेन रूल मालूम होना चाहिए

स्मार्टफोन चार्जिंग का 20-80% का फॉर्मूला

आधुनिक स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है। इन बैटरियों के काम करने का तरीका पुरानी बैटरियों से बिल्कुल अलग होता है। इन्हें न तो पूरा खाली करना अच्छा होता है और न ही पूरा फुल (100%)। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैटरी के लिए सबसे सुरक्षित और तनाव-मुक्त जोन 20% से 80% के बीच होता है।

जैसे ही आपके फोन की बैटरी 20% पर पहुंचे, उसे चार्जिंग पर लगा दें। और जैसे ही वह 80% या 85% के पास पहुंचे, चार्जर हटा लें। 100% तक बार-बार चार्ज करने से बैटरी पर 'वोल्टेज स्ट्रेस' पड़ता है, जिससे उसकी उम्र तेजी से घटती है।

दिन में कितनी बार चार्ज करना चाहिए?

इसको लेकर बहुत लोगों के मन में कंफ्यूजन रहता है कि दिन में एक या दो बार थोड़ा-थोड़ा (Top-up) चार्ज करना या फिर एक ही बार में 0 से 100% करने से कहीं बेहतर है। लिथियम-आयन बैटरियों की उम्र 'चार्जिंग साइकिल्स' पर निर्भर करती है।

अगर आपको लगता है कि आप अपने फोन को अनगिनत बार चार्ज कर सकते हैं तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। हर स्मार्टफोन की चार्जिंग लिमिट होती है। आमतौर पर एक फोन की बैटरी 300 से 500 चार्जिंग साइकिल तक अपनी पूरी क्षमता बनाए रखती है। 1 फुल साइकिल क्या है? जब आप फोन को 0% से 100% तक चार्ज करते हैं, तो उसे 1 साइकिल माना जाता है।

अगर आप दिन में अपने फोन को 40% से 80% तक दो बार चार्ज करते हैं, तो वह केवल आधा साइकिल ही गिना जाएगा। इसलिए, दिन में जरूरत के हिसाब से 2-3 बार थोड़ा-थोड़ा चार्ज करने में कोई बुराई नहीं है।

चार्जिंग से जुड़े 3 बड़े मिथक और उनकी सच्चाई

रातभर चार्ज करने से फोन ब्लास्ट हो जाता है या बैटरी खराब होती है: आज के स्मार्टफोन 'स्मार्ट' होते हैं। इनमें ऑटो-कट ऑफ फीचर होता है। जैसे ही फोन 100% चार्ज होता है, वह बिजली की सप्लाई रोक देता है। हालांकि, रातभर चार्जर से जुड़े रहने पर बैटरी लगातार 'ट्रिकल चार्जिंग' मोड में रहती है, जो बैटरी हेल्थ के लिए बहुत अच्छी नहीं है।

नए फोन को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले 8 घंटे चार्ज करना जरूरी है: यह नियम पुरानी निकल (Nickel) बैटरियों के लिए था। आज के लिथियम-आयन फोन फैक्टरी से ही चार्ज होकर आते हैं, आप इन्हें डिब्बे से निकालते ही तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं।

किसी भी चार्जर से फोन चार्ज कर सकते हैं: हमेशा फोन के साथ आए ओरिजिनल चार्जर या किसी भरोसेमंद ब्रांड के सर्टिफाइड चार्जर का ही इस्तेमाल करें। सस्ते और लोकल चार्जर सही वोल्टेज नहीं दे पाते, जिससे फोन ओवरहीट हो सकता है और ब्लास्ट का खतरा भी रहता है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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