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WhatsApp से कितना अलग है Telegram, जानें इसमें क्या कुछ खास मिलता है?

WhatsApp और Telegram दोनों ही इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। देखने में तो दोनों एक जैसे लगते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। टेलीग्राम कुछ मामलों में वॉट्सऐप की तुलना में कहीं अधिक एडवांस है। आइए आपको टेलीग्राम के कुछ खास फीचर्स के बारे में बताते हैं।

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टेलीग्राम में आपको कई सारे एडवांस फीचर्स मिलते हैं।

आज के डिजिटल दौर में इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। जब भी बिना किसी फीस के मैसेजिंग या कॉलिंग की बात आती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले WhatsApp और Telegram के नाम आते हैं। ऊपर से देखने पर ये दोनों ऐप्स एक जैसे लग सकते हैं- दोनों से आप टेक्स्ट, फोटो, वीडियो भेज सकते हैं और कॉलिंग भी कर सकते हैं। लेकिन गहराई में उतरें, तो इन दोनों का काम करने का तरीका और फीचर्स एक-दूसरे से काफी अलग हैं।

अगर आप WhatsApp या फिर Telegram का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए काम की खबर है। आज की खबर में हम आपको बताने वाले हैं कि Telegram पॉपुलर इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp से कितना अलग है और टेलीग्राम में क्या कुछ अलग मिलता है।

क्लाउड स्टोरेज बनाम डिवाइस स्टोरेज

दोनों ऐप्स के बीच सबसे बुनियादी और बड़ा अंतर उनके डेटा सेव करने के तरीके में है। अगर आप इन ऐप्लिकेशन को इस्तेमाल करते हैं तो आपको इसके बारे में जरूर जानना चाहिए।

टेलीग्राम एक क्लाउड-बेस्ड मैसेंजर है। इसका मतलब है कि आपके सभी चैट्स, फोटोज और फाइल्स टेलीग्राम के सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर सेव रहते हैं। आप एक ही समय में असीमित डिवाइसेज (जैसे- फोन, टैबलेट, लैपटॉप) पर लॉग-इन कर सकते हैं और आपका सारा डेटा तुरंत सिंक हो जाता है। अगर आपका फोन खो भी जाए, तो भी आपका डेटा सुरक्षित रहता है।

वॉट्सऐप मुख्य रूप से आपके फोन की मेमोरी का इस्तेमाल करता है। हालांकि अब इसमें 'लिंक्ड डिवाइसेज' का फीचर आ गया है जिससे आप बिना फोन ऑनलाइन रखे 4 डिवाइसेज कनेक्ट कर सकते हैं, लेकिन बैकअप के लिए आपको गूगल ड्राइव या आईक्लाउड पर निर्भर रहना पड़ता है।

प्राइवेसी और सुरक्षा

WhatsApp: वॉट्सऐप में End-to-End Encryption (E2EE) बाय-डिफ़ॉल्ट (पहले से ही) चालू रहता है। इसका मतलब है कि आपके मैसेज को केवल आप और जिसे आपने भेजा है, वही पढ़ सकते हैं। खुद वॉट्सऐप या मेटा (Meta) भी आपके मैसेज नहीं देख सकता।

Telegram: टेलीग्राम में सामान्य चैट्स क्लाउड पर स्टोर होती हैं, जो एन्क्रिप्टेड तो होती हैं लेकिन एंड-टू-एंड नहीं। इसके लिए टेलीग्राम में Secret Chat का एक खास फीचर दिया गया है। जब आप सीक्रेट चैट शुरू करते हैं, तभी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक्टिव होता है। सीक्रेट चैट के मैसेज का कोई स्क्रीनशॉट नहीं ले सकता और न ही उन्हें फॉरवर्ड किया जा सकता है।

फाइल शेयरिंग की क्षमता

अगर आप बड़ी फाइल्स ट्रांसफर करते हैं, तो टेलीग्राम यहां बाजी मार ले जाता है। वॉट्सऐप पर आप अधिकतम 2 GB तक की फाइल भेज सकते हैं। लेकिन अगर आप Telegram का इस्तेमाल करते हैं तो आपको 2GB तक फ्री में फाइल सेंड करने का ऑप्शन मिलता है। वहीं अगर आप 'Telegram Premium' सब्सक्रिप्शन लेते हैं, तो यह लिमिट बढ़कर 4 GB तक हो जाती है। यह बड़ी वीडियो फाइल्स, सॉफ्टवेयर या हैवी डॉक्यूमेंट्स भेजने के लिए बेहतरीन है।

ग्रुप और कम्युनिटी साइज

अगर आप कोई बड़ा नेटवर्क या ग्रुप बनाना चाहते हैं, तो दोनों की लिमिट्स में जमीन-आसमान का फर्क है। वॉट्सऐप पर एक ग्रुप में अधिकतम 1,024 मेंबर्स ही जुड़ सकते हैं। हालांकि, बड़े कम्युनिटी फीचर के जरिए कई ग्रुप्स को साथ जोड़ा जा सकता है।

टेलीग्राम के एक सुपरग्रुप में 2,00,000 (2 लाख) मेंबर्स शामिल हो सकते हैं। इसमें एडमिन्स के लिए कमाल के मॉडरेशन टूल्स, स्पैम रोकने के लिए 'Slow Mode' और नए मेंबर्स के लिए पुराना चैट इतिहास देखने जैसी सुविधाएं होती हैं।

टेलीग्राम के कुछ 'एक्सक्लूसिव' और खास फीचर्स

टेलीग्राम अपने करोड़ों यूजर्स को एक साधारण मैसेजिंग ऐप से ऊपर उठाकर एक सोशल मीडिया या ब्रॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म जैसा बना देते हैं। आइए आपको इनके बारे में बताते हैं।

Channels Features: टेलीग्राम चैनल्स के जरिए कोई भी व्यक्ति असीमित सब्सक्राइबर्स तक अपनी बात पहुंचा सकती है। यह वन-वे ब्रॉडकास्टिंग के लिए बेस्ट है। (वॉट्सऐप ने भी हाल ही में चैनल्स फीचर शुरू किया है, लेकिन टेलीग्राम इस मामले में काफी एडवांस है)।

Usernames Features: टेलीग्राम पर आप अपनी एक यूनिक आईडी (@username) बना सकते हैं। इसके बाद आप किसी को भी अपना मोबाइल नंबर दिए बिना, सिर्फ यूजरनेम शेयर करके चैट कर सकते हैं। वॉट्सऐप में चैट करने के लिए नंबर शेयर करना अनिवार्य है।

Bots और Mini Apps: टेलीग्राम पर रोबोटिक प्रोग्राम्स (Bots) का एक पूरा इकोसिस्टम है। आप इनसे ऑटोमैटिक रिप्लाई सेट कर सकते हैं, पोल या क्विज करा सकते हैं, गेम खेल सकते हैं और कई तरह के टास्क ऑटोमेट कर सकते हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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