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भारत में लॉन्च हुआ Hanooman AI चैटबॉट, 98 भाषाओं में देगा जवाब, ऐसे करें डाउनलोड

Hanooman AI Launched in India: हनुमान एआई को 98 ग्लोबल भाषाओं के सपोर्ट के साथ पेश किया गया है। इसके अलावा इसे 12 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। इन भाषाओं में हिंदी, मराठी, गुजराती, बंगाली, कन्नड़, उड़िया, पंजाबी, असमिया, तमिल, तेलुगु, मलयालम और सिंधी शामिल हैं।

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Hanooman AI

Hanooman AI Launched in India: भारत में जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेनएआई) प्लेटफार्म हनुमान एआई (Hanooman AI) लॉन्च हो गया है। इस जेनएआई चैटबॉट को 12 भारतीय भाषाओं सहित 98 ग्लोबल भाषाओं के सपोर्ट के साथ पेश किया गया है। अबू धाबी की एआई निवेश कंपनी 3एआई होल्डिंग लिमिटेड और एसएमएल इंडिया ने हनुमान एआई को लॉन्च किया है।

क्या है हनुमान एआई?

हनुमान एआई ChatGPT के जैसे ही जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट है, यो सवालों के जवाब दे सकता है। कंपनी के अनुसार, जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म हनुमान का लक्ष्य पहले वर्ष में 200 मिलियन यूजर्स तक पहुंचना है। यह भारत में पहले से ही डाउनलोड के लिए उपलब्ध है और वेब के माध्यम से तथा प्ले स्टोर पर एंड्रॉयड यूजर्स के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध है। यानी आप Hanooman AI को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। एक iOS वर्जन जल्द ही ऐप स्टोर पर आने वाला है।

Hanooman AI: इन भाषाओं को सपोर्ट करता है चैटबॉट

हनुमान एआई को 98 ग्लोबल भाषाओं के सपोर्ट के साथ पेश किया गया है। इसके अलावा इसे 12 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। इन भाषाओं में हिंदी, मराठी, गुजराती, बंगाली, कन्नड़, उड़िया, पंजाबी, असमिया, तमिल, तेलुगु, मलयालम और सिंधी शामिल हैं।

क्या है खासियत

जेन एआई प्लेटफॉर्म यूजर्स को टेक्स्ट, आवाज, फोटो और कोड सहित अपनी मल्टी मॉडल और मल्टी लैंग्वेज परफॉर्म कर सकता है। 3एआई होल्डिंग के एमडी अर्जुन प्रसाद ने एक बयान में कहा, "एसएमएल इंडिया के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, हम यूजर्स के विविध स्पेक्ट्रम को पूरा करने का प्रयास करते हैं, जिससे एआई को उनकी जातीयता या स्थान की परवाह किए बिना सभी के लिए समावेशी और उपलब्ध बनाया जा सके।"

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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