मोबाइल आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। हमारे डेली रूटीन के कई सारे काम अब मोबाइल पर ही निर्भर हो चुके हैं। पिछले कुछ समय में मोबाइल से ऑनलाइन फ्रॉड और स्कैम के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। मोबाइल यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से समय-समय पर नए नियम लागू किए जाते हैं। जहां एक तरफ सरकार और टेलिकॉम कंपनियां फ्रॉड और स्कैम को रोकने के लिए नए नियम बना रही हैं वहीं क्रिमिनल्स ठगी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। स्कैमर्स फर्जी कॉल्स के जरिए जमकर ठगी करते हैं ऐसे में आपको कुछ विशेष नंबर से आने वाली कॉल्स से बचना चाहिए।
मोबाइल यूजर्स को स्कैम और ठगी से बचाने के लिए कुछ टेलिकॉम कंपनियों की तरफ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया जा रहा है। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल की तरफ से कुछ समय पहले जानकारी दी गई थी कि हर महीने लाखों की संख्या में फर्जी कॉल्स को ब्लॉक किया जा रहा है।
VoIP कॉल बना नया हथियार
अब साइबर क्रिमिनल्स मोबाइल यूजर्स को अपने जाल में फंसाने के लिए एक नया तरीका अपना रहे हैं। क्रिमिनल्स अब VoIP कॉल्स यानी इंटरनेट कॉल का सहारा ले रहे हैं। सरकार ने अपने साइबर क्राइम अवेयरनेस पोर्ट के जरिए VoIP या फिर इंटरनेशनल नंबर से आने वाली कॉल्स से सावधान रहने के लिए कहा है। अगर आपके मोबाइल नंबर पर ऐसे किसी नंबर से कॉल आता है तो उसे न तो रिसीव करें और न ही उस नंबर पर रिप्लाई करें।
इन नंबर्स की कॉल न करें रिसीव
साइबर क्रमिनल्स तेजी से VoIP कॉल्स का सहारा ले रहे हैं थाईलैंड की टेलीकॉम रेगुलेटरी NBTC की मानें तो VoIP नंबर पर खासतौर पर +697 या +698 से शुरू होते हैं। वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल से होने वाली कॉल्स की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इन्हें आसानी से ट्रैक नहीं किया जा सकता है। इस वजह से अब यह स्कैमर्स का एक नया हथियार बन चुका है। इन कॉल्स को करने के लिए साइबर क्रिमिनल्स VPN का इस्तेमाल करते हैं।
अगर आपके नंबर पर +697 या +698 या फिर किसी दूसरे इंटरनेशनल नंबर से कॉल आती है तो आपको बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। अगर आपको इस तरह के कॉल्स आते हैं तो आपको इन्हें तुरंत ब्लॉक कर देना चाहिए। अगर आप अनजाने में साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं तो आप इसकी शिकायत सरकारी पोर्टल चक्षु में कर सकते हैं।
