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अब फ्री में जानकारी नहीं देगा Google, चाहो न चाहो लेना पड़ेगा सब्सक्रिप्शन!

Google Search Feature: रिपोर्ट के अनुसार, SGE पर शुरुआती यूजर फीडबैक सकारात्मक रहा है, लेकिन पारंपरिक रिजल्ट फॉर्मेट में बदलाव से यूजर्स के विज्ञापनों के साथ इंटरैक्ट करने के तरीके पर असर पड़ सकता है, जिससे गूगल की प्राइमरी रेवेन्यू स्ट्रीम प्रभावित हो सकती है।

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Google Search Feature

Google Search Feature: यदि आप भी छोटी-छोटी चीजों के लिए गूगल सर्च का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर नहीं है। क्योंकि कथित तौर पर गूगल अपने सर्च फीचर के लिए चार्ज करना शुरू कर सकता है। हालांकि, यह बदलाव केवल प्रीमियम फीचर्स (AI-एडवांस सर्च इंजन) के लिए हो सकते हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल अपने जेनेरिक AI-संचालित सर्च इंजन पर प्रीमियम फीचर्स के लिए शुल्क लेने पर विचार कर रहा है। यह बदलाव सर्विस को चलाने और इसकी लागत को कवर करने के लिए आवश्यक भारी खर्च के कारण हो सकता है।

सर्च इंजन में मिलेगा जेनरेटर एआई का सपोर्ट

दरअसल गूगल अपने सर्च इंजन को जेनरेटर एआई से लैस कर रहा है। पिछले साल, कंपनी ने अपना सर्च जेनरेटर एक्सपीरियंस (SGE) लॉन्च किया था, जो पारंपरिक सर्च रिजल्ट और विज्ञापनों के साथ-साथ एआई-जनरेटेड इनसाइट्स दिखाता है। यानी अब यूजर्स को गूगल सर्च में एआई वाले जवाब मिल सकेंगे।

गूगल क्यों वसूलेगा चार्ज?

रिपोर्ट के अनुसार, SGE पर शुरुआती यूजर फीडबैक सकारात्मक रहा है, लेकिन पारंपरिक रिजल्ट फॉर्मेट में बदलाव से यूजर्स के विज्ञापनों के साथ इंटरैक्ट करने के तरीके पर असर पड़ सकता है, जिससे गूगल की प्राइमरी रेवेन्यू स्ट्रीम प्रभावित हो सकती है। यानी जेनरेटर एआई सर्च इंजन में गूगल विज्ञापन नहीं दिखा पाएगा जिससे गूगल की कमाई कम होगी इसलिए गूगल सब्सक्रिप्शन प्लान ला सकता है।

यूके में चल रही SGE टेस्टिंग

Google द्वारा प्रीमियम AI सर्च ऑप्शन की टेस्टिंग जारी है। अमेरिका में सफल टेस्टिंग के बादकंपनी ने यूके में AI-जनरेटेड सर्च ओवरव्यू की टेस्टिंग शुरू कर दी है। लॉग-इन यूके यूजर्स का एक छोटा ग्रुप सर्च रिजल्ट के ऊपर एआई-जनरेटेड सारांश की टेस्टिंग कर रहा है। सर्च के अलावा गूगल जीमेल और डॉक्स के साथ भी एआई फीचर्स को लैस कर रहा है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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