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Google: गूगल डीपमाइंड के कर्मचारी कर सकते हैं विरोध प्रदर्शन, कंपनी के इन नियमों पर जताया एतराज

Google Defence contract: पत्र में डिफेंस प्रोजेक्ट, खास तौर पर एआई से जुड़े प्रोजेक्ट में गूगल की भागीदारी को लेकर कर्मचारियों की बेचैनी को उजागर किया गया है। इसमें सैन्य और हथियार निर्माण से जुड़ी कोई भी नैतिक जिम्मेदारी और एआई नियमों का किस तरह उल्लंघन हो रहा है उसके बारे में बताया गया है।

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Google के कर्मचारियों को किस बात की शिकायत है।

Google : इस साल की शुरुआत में, Google के कई कर्मचारियों ने कंपनी के इज़राइल के साथ व्यवहार के खिलाफ कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया था। Google ने अपने कर्मचारी आचार संहिता को सख्त बनाया और कई कर्मचारियों को नौकरी से भी निकाल दिया। अब, ऐसा लगता है कि Google में एक और विरोध प्रदर्शन होने वाला है। टोओआई ने टाइम पत्रिका की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया है कि, Google DeepMind के लगभग 200 कर्मचारियों ने Google के रक्षा अनुबंधों का कड़ा विरोध किया है, जिससे आंतरिक असंतोष की लहर उठ खड़ी हुई है।

कर्मचारियों में गूगल को दिए पत्र में क्या कहा?

16 मई, 2024 को लिखे गए इस पत्र में डिफेंस प्रोजेक्ट, खास तौर पर एआई से जुड़े प्रोजेक्ट में गूगल की भागीदारी को लेकर कर्मचारियों की बेचैनी को उजागर किया गया है। रिपोर्ट में इस पत्र का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि "सैन्य और हथियार निर्माण से जुड़ी कोई भी भागीदारी नैतिक और जिम्मेदार एआई में अग्रणी के रूप में हमारी स्थिति को प्रभावित करती है, और हमारे मिशन वक्तव्य और बताए गए एआई नियमों के खिलाफ जाती है।"

डीपमाइंड के AI नियमों को स्पष्ट रूप से बताते हैं कि कंपनी ऐसे एआई एप्लीकेशन पर काम नहीं करेगी जो "नुकसान" पहुंचा सकते हैं, या ऐसे हथियार या टेक्नोलॉजी के निर्माण में मदद नहीं करेंगे जिनका "मुख्य उद्देश्य या कार्यान्वयन" चोट पहुंचाना है।

गूगल ने डीपमाइंड कब खरीदा था?

गूगल ने लगभग एक दशक पहले 2014 में डीपमाइंड का अधिग्रहण किया था। एक मुख्य शर्त यह थी कि इसकी एआई तकनीक का इस्तेमाल सैन्य या निगरानी उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाएगा। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में एआई की दौड़ नाटकीय रूप से तेज हो गई है और डीपमाइंड की स्वायत्तता धीरे-धीरे खत्म हो गई है। डीपमाइंड की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए प्रयास किए गए हैं, लेकिन अंततः 2023 में लैब को गूगल ब्रेन के साथ विलय कर दिया गया, जिससे यह गूगल के मुख्य परिचालन के करीब आ गया।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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