आजकल सोशल मीडिया पर आए दिन कई तरह की फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं, ऐसी खबरों के चक्कर में आकर कई बार लोग ठगी का शिकार भी बन जाते हैं। अब साइबर ठग और क्रिमिनल्स लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए सरकारी योजनाओं का भी सहारा ले रहे हैं। ऐसी ही एक खबर इन दिनों तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रही है जिसमें Prime Minister Free Mobile Scheme के तहत फ्री मोबाइल देने का दावा किया जा रहा है।
पीएम मोबाइल योजना हाल ही में सोशल मीडिया, खासकर यूट्यूब पर फैल रहे गलत दावों की वजह से चर्चा में है। इन दावों में कहा गया है कि भारत सरकार 'प्रधान मंत्री मुफ्त मोबाइल योजना' के तहत लोगों को मुफ्त स्मार्टफोन दे रही है। लेकिन भारत सरकार और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने साफ किया है कि ऐसी कोई योजना असल में मौजूद नहीं है।
वायरल हो रहा है दावा झूठा
यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो में बताया गया कि केंद्र सरकार 'प्रधानमंत्री मुफ्त मोबाइल योजना' के तहत मुफ्त स्मार्टफोन दे रही है। वीडियो में कहा गया कि सिर्फ एक फॉर्म भरकर और अपना आधार नंबर देकर कोई भी स्मार्टफोन पा सकता है। लेकिन ऐसे आकर्षक प्रस्ताव अक्सर उन लोगों को फंसाने के लिए बनाए जाते हैं जो सावधान नहीं रहते। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि ये दावे पूरी तरह गलत हैं।
PIB के अनुसार, धोखेबाज अक्सर सरकारी योजनाओं का नाम लेकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। वे आमतौर पर जरूरी पर्सनल जानकारी मांगते हैं, जैसे आधार नंबर, मोबाइल नंबर और OTP, जो आपकी पहचान चोरी या पैसे का नुकसान कर सकते हैं। ये धोखाधड़ी अक्सर एक पैटर्न पर चलती है: पहले एक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया जाता है जिसमें 'फ्री मोबाइल' और 'सीमित समय' जैसे शब्द होते हैं, फिर उसमें एक लिंक होता है जो लोगों को धोखाधड़ी वाली वेबसाइट पर ले जाता है। जब लोग अपना विवरण भरते हैं, तो वे धोखाधड़ी के शिकार बन जाते हैं।
ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने के लिए, जनता को आधिकारिक सरकारी स्रोतों के माध्यम से जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए आप सरकारी वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियां या फिर सरकार बयान को चेक करें। किसी भी योजना में किसी भी तरह के ओटीपी या फिर बैक संबंधी जानकारियां नहीं मांगी जाती हैं। PIB ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को मुफ्त मोबाइल फोन देने वाली कोई मौजूदा पहल नहीं है।
