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EU ने ठोका Meta पर 10768 करोड़ रु का जुर्माना, अमरेका को डेटा भेजने का आरोप

मेटा पर ये जुर्माना ईयू प्राइवेसी रेगुलेटर्स ने अमेरिका में यूजर्स की डिटेल भेजने के लिए लगाया है। इतना भारी जुर्माना एक रिकॉर्ड है। इससे पहले भारी जुर्माने का रिकॉर्ड अमजेन पर था। उस पर 82.12 करोड़ डॉलर या 6803 करोड़ रु का जुर्माना लगा था।

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ईयू ने डेटा ट्रांसफर के कारण मेटा पर जुर्माना लगाया

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • मेटा पर लगा 10768 करोड़ रु का जुर्माना
  • ईयू ने लगाया है ये जुर्माना
  • अमेरिका में यूजर्स की डिटेल भेजने का है आरोप

EU Fined Meta Over Data Transfer : फेसबुक (Facebook) की ओनर मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (Meta Platforms Inc) पर यूरोपीय संघ (European Union) या ईयू (EU) ने 1.3 अरब डॉलर (10768 करोड़ रु) का जुर्माना लगाया है। मेटा पर ये जुर्माना ईयू प्राइवेसी रेगुलेटर्स ने अमेरिका में यूजर्स की डिटेल भेजने के लिए लगाया है। इतना भारी जुर्माना एक रिकॉर्ड है। इससे पहले भारी जुर्माने का रिकॉर्ड अमजेन पर था। उस पर 82.12 करोड़ डॉलर या 6803 करोड़ रु का जुर्माना लगा था।

क्या है ईयू रेगुलेटर्स का डर

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार ईयू रेगुलेटर्स को आयरलैंड के डेटा प्रोटेक्शन कमीशनर हेलेन डिक्सन (Helen Dixon) लीड कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में यूरोपीय यूजर्स के डेटा को ट्रांसफर करने के लिए यूज किए जाने वाले लीगल टूल पर प्रतिबंध लगाने को अंतिम रूप दिया जा रहा है, क्योंकि उन्हें चिंता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस इंफॉर्मेशन तक हासिल कर सकती हैं।

पिछले महीने हुई थी कोशिश

अप्रैल में ईयू रेगुलेटर्स ने कहा ता कि आयरिश डीपीसी के पास फेसबुक के ट्रान्साटलांटिक डेटा फ्लो को ब्लॉक करने का आदेश देने के लिए एक महीने का समय था। कहा गया था कि मई के मध्य तक इस पर प्रतिबंध लग सकता है।

2020 में आया था बड़ा फैसला

यूरोप की सर्वोच्च अदालत ने 2020 में फैसला सुनाया था कि ईयू-यूएस डेटा ट्रांसफर समझौता अमान्य है। कोर्ट ने तब सर्विलांस चिंताओं का हवाला दिया था। इसके बाद मेटा ने पिछले साल चेतावनी दी थी कि अगर यूरोप से अमेरिका में डेटा ट्रांसफर करने के लिए उपयोग किए जाने वाले टूल पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो इसे यूरोप में फेसबुक सर्विसेज निलंबित करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

अब मेटा क्या करेगी

मेटा ने इस फैसले को "त्रुटिपूर्ण" और "अनुचित" बताया है और कहा है कि ये इसके खिलाफ अपील करेगी। कंपनी ने "तत्काल" बैन लगाने के आदेशों के निलंबन की मांग करने का भी वादा किया। मेटा ने कहा है कि ये उन लाखों लोगों को नुकसान पहुंचाएगा जो हर दिन फेसबुक का उपयोग करते हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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