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WhatsApp हैक होने पर तुरंत डायल करें यह कोड, दिल्ली पुलिस ने खुद दी जानकारी

WhatsApp आज सबसे बड़ा कम्युनिकेशन ऐप है और इसी वजह से यह हैकर्स के निशाने पर रहता है। कई लोग हैक हो जाने के बाद घबरा जाते हैं लेकिन थोड़ी समझदारी से अकाउंट को री-स्टोर किया जा सकता है।

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WhatsApp हैक होने पर तुरंत डायल करें यह कोड, दिल्ली पुलिस ने खुद दी जानकारी

आज के डिजिटल युग में WhatsApp केवल मैसेजिंग ऐप नहीं रह गया है। बैंकिंग, ऑफिस के काम, निजी बातचीत और कई महत्वपूर्ण गतिविधियां इसी प्लेटफॉर्म के जरिए की जाती हैं। ऐसे में यदि किसी का WhatsApp अकाउंट हैक हो जाए, तो यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है, हालांकि साइबर एक्सपर्ट और दिल्ली पुलिस का कहना है कि सही समय पर सही कदम उठाकर अकाउंट को दोबारा हासिल किया जा सकता है।

अकाउंट हैक होने पर सबसे पहले करें यह काम

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट के जॉइंट सीपी रजनीश गुप्ता के अनुसार, WhatsApp अकाउंट हैक होने की स्थिति में सबसे पहले कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग को बंद करना चाहिए। इसके लिए यूजर अपने मोबाइल फोन से ##21# डायल कर सकते हैं।

यह USSD कोड फोन पर सक्रिय कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग सेवाओं को बंद करने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई मामलों में साइबर अपराधी OTP और वेरिफिकेशन मैसेज को अपने नंबर पर फॉरवर्ड करवा लेते हैं, जिससे वे अकाउंट पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं।

शिकायत दर्ज कराएं और दें जरूरी जानकारी

फॉरवर्डिंग बंद करने के बाद यूजर्स को WhatsApp की आधिकारिक शिकायत प्रक्रिया का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए शिकायत फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और अकाउंट हैक होने से संबंधित पूरी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा नाम और ईमेल आईडी जैसी आवश्यक जानकारी भी सही तरीके से भरनी जरूरी है, ताकि मामले की जांच में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

Meta की जांच के बाद वापस मिल सकता है अकाउंट

शिकायत दर्ज होने के बाद Meta Platforms की टीम मामले की जांच करती है। यदि जांच में अकाउंट पर अनधिकृत एक्सेस की पुष्टि होती है, तो संबंधित डिवाइस से WhatsApp अकाउंट को लॉगआउट किया जा सकता है। इसके बाद यूजर अपने मोबाइल नंबर और OTP की मदद से दोबारा अकाउंट में लॉगिन कर सकता है और अपनी चैट तथा अन्य सेवाओं तक पहुंच हासिल कर सकता है।

अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि WhatsApp पर Two-Step Verification फीचर हमेशा सक्रिय रखना चाहिए। इससे अकाउंट की सुरक्षा और मजबूत हो जाती है। इसके अलावा किसी भी अनजान OTP, संदिग्ध लिंक या स्क्रीन शेयरिंग रिक्वेस्ट पर भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि अकाउंट हैक होने का जरा भी संदेह हो, तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है ताकि निजी जानकारी और चैट का दुरुपयोग रोका जा सके।

बढ़ते साइबर खतरों के बीच सतर्क रहना जरूरी

साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी WhatsApp अकाउंट हैक होने और निजी डेटा के दुरुपयोग का कारण बन सकती है। इसलिए सुरक्षा फीचर्स का उपयोग करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देना आज की जरूरत बन गया है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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