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अब इस कंपनी में होगी 9,000 लोगों की छंटनी, चेयरमैन बोले ‘ये तो बस ट्रेलर’

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 20, 2023, 07:10 PM IST

Credit Suisse को हाल ही में UBS Group ने खरीद लिया है और अब दोनों कंपनियों के मर्जर के बाद चेयरमैन ने बड़े पैमाने पर छंटनी का ऐलान किया है. अभी 9,000 लोगों को Layoff किया जाएगा, वहीं इसके कई गुना लोग नौकरी गंवाएंगे.

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अभी इस आंकड़े के कई गुना कर्मचारी अपनी नौकरी गंवाने वाले हैं.

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KEY HIGHLIGHTS
  • क्रेडिट सुइस में बड़ी छंटनी तय
  • 9,000 कर्मचारियों का होगा लेऑफ
  • हजारों अन्य लोग भी गंवाएंगे जॉब

UBS Group Chairman Informs About Mass Layoff: यूबीएस ग्रुप ने अभी क्रेडिट सुइस ग्रुप का अधिग्रहण भी नहीं किया था कि यूबीएस के चेयरमैन कोम केलहर बड़ी संख्या में छंटनी की ओर इशारा किया है. उनकी मानें तो सबसे पहले 9,000 लोगों को बर्खास्त किया जाएगा और ये फिलहाल ट्रेलर है, असली पिक्चर अभी बाकी है. कंपनी खुदको डूबने से बचाने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाली है. इस मामले की नजदीक से जानकारी रखने वाले एक शख्स की मानें तो 9,000 कर्मचारियों से तो शुरुआती होगी, अभी इस आंकड़े के कई गुना कर्मचारी अपनी नौकरी गंवाने वाले हैं.

कई हजार कर्मचारी गंवाएंगे नौकरी

इन दोनों कंपनियों के मर्ज हो जाने पर इस ग्रुप में अब लगभग सवा लाख कर्मचारी नौकरी कर रहे हैं यूबीएस के चेयरमैन कोम केलेहर जल्द ही उस आंकड़े का खुलासा किया जाएगा जितने लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जाने वाला है. कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि 2027 तक कंपनी की सालाना लागत में 8 बिलियन डॉलर की बचत का लक्ष्य बनाया गया है. ये पिछले साल क्रेडिट सुइस के कुल खर्च का आधा अमाउंट है.

वित्त मंत्री ने दी चेतावन

क्रेडिट सुइस में हो रही लगातार दिक्कतों को देखते हुए UBS (यूनियन बैंक) उसे अधिग्रहण करने के लिए एक समझौता लेकर आया है. इस कदम से सुइस में हो रही वैश्विक बैंकिंग सेक्टर के मार्केट में परेशानी और क्रेडिट सुइस में बैंक अविश्वास के संकट को पूरे बैंकिंग सिस्टम में फैलने से रोकना है. वित्त मंत्री ने चेतावनी दी है कि विश्व स्तर पर खास बैंक के दिवालिया होने से वित्तीय बाजारों के लिए खराब परिणाम हो सकते हैं.

स्विस सेंट्रल बैंक करेगा मदद

स्विस सेंट्रल बैंक ने कहा है कि वह यूबीएस और क्रेडिट सुइस के लिए दिए गए लिक्विडिटी सहायता में 100 बिलियन स्विस फ़्रैंक (108 बिलियन डॉलर) के साथ विलय किए गए बैंक की मदद करेगा. जबकि डील की रकम का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है. फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि यह 2 बिलियन डॉलर से अधिक है. Credit Suisse बैंक स्विटजरलैंड का दूसरा सबसे बड़ा और करीब 167 साल पुराना बैंक है. इस मामले में स्विस सेंट्रल बैंक ने कहा, "यूबीएस द्वारा क्रेडिट सुइस के अधिग्रहण के साथ, इस असाधारण स्थिति में वित्तीय स्थिरता को सुरक्षित करने और स्विस अर्थव्यवस्था की रक्षा करने का जरूरी समाधान है."

बिजनेस एक्टिविटी बिना किसी रुकावट के रहेंगी जारी

स्विस फाइनेंशियल मार्केट सुपरवाइजरी अथॉरिटी (FINMA) ने आश्वासन दिया है कि दोनों बैंकों की सभी बिजनेस एक्टिविटी बिना किसी बैन या रुकावट के जारी रह सकती हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि यह यूएस फेडरल रिजर्व और ब्रिटिश प्रूडेंशियल रेगुलेशन अथॉरिटी सहित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय करेगा. क्रेडिट सुइस हाल के दिनों में गहन जांच के दायरे में रहा है, पिछली ही हफ्ते इतिहास में दूसरा और तीसरा सबसे बड़ा अमेरिकी बैंक दिवालिया हो चुका है. ये 30 वैश्विक बैंकों में से एक के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है, क्रेडिट सुइस के लिए एक सौदा वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए दूरगामी प्रभाव डाल सकता है.

सुइस के शेयरों ने एक चौथाई हिस्सा गंवाया

हालांकि यह देखा जाना बाकी है कि इस डील से दुनिया भर के लेंडर्स को विश्वास दिलाने के लिए पर्याप्त है या नहीं. इस मामले के जानकार दो वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, क्रेडिट सुइस में विश्वास के संकट और दो अमेरिकी बैंकों की विफलता इस सप्ताह वित्तीय प्रणाली के माध्यम से बढ़ सकती है. क्रेडिट सुइस के शेयरों ने पिछले हफ्ते अपने मूल्य का एक चौथाई हिस्सा खो दिया और बैंक को अपनी बैलेंस शीट को स्थिर करने के लिए केंद्रीय बैंक फंडिंग में 54 बिलियन डॉलर का खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ा. स्विस अधिकारी भी कथित तौर पर बैंक की बचाव योजना के हिस्से के रूप में क्रेडिट सुइस बांड लेने पर घाटे को लागू करने की जांच कर रहे हैं. हालांकि, यूरोपीय नियामक इस तरह के कदम से हिचकिचा रहे हैं, उन्हें डर है कि यह यूरोप के वित्तीय क्षेत्र में कहीं और निवेशकों के विश्वास को प्रभावित कर सकता है.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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