अब ChatGPT बताएगा आपकी उम्र, छिपाने का तो सवाल ही नहीं है, ऐसे काम करता है नया सिस्टम
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Jan 21, 2026, 03:26 PM IST
OpenAI का कहना है कि ये सुरक्षा फैसले बच्चों और किशोरों के विकास से जुड़ी रिसर्च पर आधारित हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि किशोरों और वयस्कों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति, भावनात्मक नियंत्रण, आवेग और साथियों के प्रभाव जैसे पहलुओं में बड़ा अंतर होता है।
OpenAI has introduced an age prediction system within ChatGPT (Image Created Using AI)
अब चैटजीपीटी को आप अपनी उम्र को लेकर झांसा नहीं दे सकते हैं। OpenAI ने ChatGPT पर एक नया एज प्रीडिक्शन सिस्टम रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इसका मकसद साफ है, यह बेहतर तरीके से समझना कि कोई अकाउंट 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति का तो नहीं है, ताकि किशोरों को सही सुरक्षा मिल सके और वयस्क यूजर्स बिना अनावश्यक पाबंदियों के ChatGPT का इस्तेमाल कर सकें।
अब तक ChatGPT मुख्य रूप से साइन-अप के समय यूजर द्वारा दी गई उम्र पर निर्भर करता था। जो यूजर खुद को 18 साल से कम बताते थे, उनके अकाउंट पर अपने आप अतिरिक्त सेफ्टी फीचर्स लागू हो जाते थे। नया सिस्टम इसी प्रक्रिया को और मजबूत बनाता है, खासकर उन मामलों में जहां उम्र गलत दी गई हो या स्पष्ट न हो।
Age Prediction सिस्टम कैसे काम करता है?
यह नया मॉडल कई संकेतों को एक साथ देखकर अनुमान लगाता है। इसमें अकाउंट कितने समय से सक्रिय है, आमतौर पर किस समय इस्तेमाल होता है, लंबे समय में उपयोग का पैटर्न कैसा है और यूजर ने अपनी उम्र क्या बताई है, इन सभी फैक्टर्स को शामिल किया जाता है। OpenAI का कहना है कि जैसे-जैसे सिस्टम सीखता जाएगा, इसकी सटीकता और बेहतर होती जाएगी।
18 साल से कम उम्र के संदेह पर क्या होगा?
अगर ChatGPT को लगता है कि कोई अकाउंट संभवतः किसी नाबालिग का है, तो उस पर अपने आप अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू कर दिए जाएंगे। इनका उद्देश्य किशोरों को ऐसे कंटेंट से दूर रखना है, जो उनके लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसमें ग्राफिक हिंसा, यौन या हिंसक रोल-प्ले, खतरनाक वायरल चैलेंज, आत्म-हानि से जुड़ा कंटेंट, और ऐसे पोस्ट शामिल हैं जो अत्यधिक सुंदरता मानकों या अस्वस्थ डाइटिंग को बढ़ावा देते हैं।
रिसर्च पर आधारित फैसला
OpenAI का कहना है कि ये सुरक्षा फैसले बच्चों और किशोरों के विकास से जुड़ी रिसर्च पर आधारित हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि किशोरों और वयस्कों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति, भावनात्मक नियंत्रण, आवेग और साथियों के प्रभाव जैसे पहलुओं में बड़ा अंतर होता है।
अगर सिस्टम से गलती हो जाए तो?
OpenAI ने यह भी माना है कि सिस्टम से गलती हो सकती है। अगर किसी वयस्क यूजर को गलती से 18 साल से कम उम्र की श्रेणी में डाल दिया जाता है, तो वह आसानी से पूरा एक्सेस वापस पा सकता है। इसके लिए Persona नाम की सुरक्षित पहचान सत्यापन सेवा के जरिए एक सरल सेल्फी-आधारित उम्र पुष्टि प्रक्रिया दी गई है।
ग्लोबल रोलआउट
यह नया Age Prediction फीचर दुनिया भर में धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है, हालांकि यूरोपीय संघ में यह सुविधा कुछ हफ्तों बाद शुरू होगी, क्योंकि वहां क्षेत्रीय नियमों और कानूनी आवश्यकताओं का पालन करना जरूरी है। कुल मिलाकर, OpenAI का यह कदम ChatGPT को किशोरों के लिए ज्यादा सुरक्षित और वयस्कों के लिए ज्यादा सहज बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।