टेक एंड गैजेट्स

अब सिर्फ डेटा इकट्ठा करना पर्याप्त नहीं है, इसे उपयोगी इंटेलिजेंस में बदलना जरूरी है: अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और पैटर्न एनालिसिस की मदद से ऐसे सिस्टम बनाए जा रहे हैं जो बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों और अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क की पहचान पहले ही कर सकें, ताकि उन्हें अपराध करने से पहले ही रोका जा सके।

Image

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच को सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 को संबोधित किया। इस सम्मेलन में एनसीआरबी के डायरेक्टर आलोक रंजन, सीएफएसएल के निर्देशक एसके जैन, एनसीआरबी के संयुक्त निर्देशक संजय माथुर मौजूद रहे, जबकि विभिन्न राज्यों की पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि जांच अधिकारियों को साक्ष्य जुटाने से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक हर चरण की बेहतर ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक तरीकों से सबूतों को मजबूत और विश्वसनीय बनाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि अदालत में किसी भी जानकारी को प्रभावी साक्ष्य और उपयोगी खुफिया जानकारी में बदलने की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है।

अपने संबोधन में गृह मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाभारत में कौरवों की सेना और उनकी ताकत पांडवों से अधिक थी, लेकिन पांडवों के पास श्रीकृष्ण का मार्गदर्शन था। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण से उपलब्ध जानकारी का सही विश्लेषण कर उसे उपयोगी रणनीति में बदलते थे, जिससे पांडवों को युद्ध में सफलता मिली। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान, 'अभिज्ञान' ऐप, CrPI सिस्टम, ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0 और ई-फॉरेंसिक 2.0 को लॉन्च किया।

सिर्फ डेटा इकट्ठा करना पर्याप्त नहीं

उन्होंने पुलिस बल से कहा कि आज के दौर में केवल डेटा इकट्ठा करना पर्याप्त नहीं है। डेटा को पहले उपयोगी इंटेलिजेंस में बदलना चाहिए और फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से उसका विश्लेषण करना चाहिए। इससे देश और विदेश में सक्रिय अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में सुरक्षा एजेंसियों को अधिक मदद मिल सकती है। गृह मंत्री ने कहा कि कोई भी अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, वह कानून और विज्ञान की ताकत से बच नहीं सकता।

उन्होंने बताया कि NAFIS, CCTNS, ई-प्रॉसिक्यूशन और ई-फॉरेंसिक्स जैसे सिस्टम ने पूरी आपराधिक न्याय प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ दिया है। अब उपलब्ध डेटा को उपयोगी और कार्रवाई योग्य इंटेलिजेंस में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग का तरीका अब बदल रहा है। पहले जहां मुख्य रूप से बल आधारित कार्रवाई होती थी, अब वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच को सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है।

इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और पैटर्न एनालिसिस की मदद से ऐसे सिस्टम बनाए जा रहे हैं जो बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों और अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क की पहचान पहले ही कर सकें, ताकि उन्हें अपराध करने से पहले ही रोका जा सके।

संस्थानों को विकसित किया जा रहा है

गृह मंत्री ने कहा कि एनसीआरबी और बीपीआरडी अब केवल रिकॉर्ड और आंकड़े सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं रहेंगे। इन संस्थाओं को आधुनिक, इंटेलिजेंस-आधारित अपराध रोकथाम प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पहले से संभावित अपराधों की पहचान कर उन्हें रोकने की व्यवस्था तैयार करना है।

उन्होंने बताया कि देश में उपलब्ध 1.29 करोड़ फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड, 9 लाख नारकोटिक्स अपराधियों का डेटा और 3.65 लाख ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़े रिकॉर्ड को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग की मदद से उपयोगी इंटेलिजेंस में बदला जाएगा। इससे अपराधियों की पहचान और उन पर कार्रवाई करना अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीएनएस नेटवर्क की पहुंच देश के 17,840 पुलिस थानों तक हो चुकी है।

Times Now Navbharat Digital
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article