सर्दियों के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन जाता है। पिछले कई सालों से नवंबर से लेकर लगभग फरवरी तक वायु गुणवत्ता बुरी तरह से प्रभावित रहती है। सर्दी का मौसम अभी आने में काफी समय है लेकिन दिल्ली सरकार इसको लेकर अभी से तैयारी में जुट गई है। दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जून में ही Proactive Winter Air Quality Management Framework अधिसूचित कर दिया है, ताकि नागरिकों, उद्योगों, संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और निर्माण एजेंसियों को नवंबर से पहले पर्याप्त तैयारी का समय मिले और दिल्लीवासियों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बयान में कहा कि अधिसूचित मसौदे के तहत दिल्ली के पेट्रोल पंप पर केवल वही वाहन ईंधन खरीद सकेंगे, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUCC होगा। हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका है कि ईंधन खरीद पर ये प्रतिबंध कितने समय तक लागू रहेंगे।
इन वाहनों पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह व्यवस्था सामान्यतः हर वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक GRAP के साथ लागू रहेगी। बयान के मुताबिक, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर बीएस-6 वाहनों को एक नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीएनजी वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों, आपातकालीन सेवा वाहनों और सरकारी काम में लगे वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।
प्रदूषण रोकथाम के लिए नए प्रावधान की मुख्य बातें
- वैध PUCC वाले वाहनों को ही पेट्रोल पंपों पर ईंधन मिलेगा।
- 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS VI वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। CNG, EV, आपातकालीन सेवाओं और सरकारी कार्यों से जुड़े वाहनों को छूट मिलेगी।
- 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना रहेगा।
- आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयों के समय में बदलाव और सरकारी-निजी कार्यालयों में 50% तक भौतिक उपस्थिति की व्यवस्था लागू की जा सकेगी।
- 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों में धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
- 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच आवश्यकता पड़ने पर निर्माण कार्यों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे।
- बड़े निर्माण स्थलों और बड़ी बिल्डिंग्स पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
- खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ड्रोन और फील्ड मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा।
- प्रदूषण से लड़ाई का सबसे अच्छा तरीका है समय रहते तैयारी। दिल्ली सरकार इसी संकल्प के साथ सर्दियों से पहले हर जरूरी तैयारी को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।
