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सरकार की चेतावनी, अकीरा नाम का नया वायरस पर्सनल जानकारी के लिए खतरा

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jul 24, 2023, 01:42 PM IST

CERT-In ने एक नए रेंसमवेयर यानी वायरस के बारे में बताया है जिसका नाम AKIRA है। ये नया सॉफ्टवेयर सिस्टम हैक कर रहा है और हैकर्स द्वारा मांगी रकम ना देने पर ये निजी डेटा डार्क वेब पर जा रहा है।

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वायरस का नाम अकीरा है जो कंप्यूटर को हैक कर लेता है।

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • अकीरा नाम का नया वायरस
  • हैकर्स चुरा रहे निजी जानकारी
  • बदले में मांग रहे मोटी फिरौती

AKIRA Ransomware: इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In)ने नए वायरस के बारे में जानकारी दी है जो काफी खतरनाक है। इस वायरस का नाम अकीरा है जो कंप्यूटर को हैक कर लेता है और डेटा लीक होने से बचाने के लिए आपसे पैसा मांगा जाता है। आपके सिस्टम को हैक करने के लिए इस सॉफ्टवेयर को डिजाइन किया गया है जो विंडोज और लाइनक्स दोनों के लिए खतरनाक है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अकीरा की मदद से हैकर्स पहले आपका महत्वपूर्ण डेटा चुरा लेते हैं, फिर इस डेटा को अपने सिस्टम पर सेव कर लेते हैं।

डर्क वेब पर डाल देते हैं डेटा?

सीईआरटी-इन की मानें तो कोई शख्स अगर हैकर्स को फिरौती देने से मना करता है, तो उसका निजी डेटा अपने डार्क वेब ब्लॉग पर दिखाते हैं। जानकारी के अनुसार अटैकर्स वीपीएस सर्विस का दुरुपयोग करते हैं, खासतौर पर उन यूजर्स का जिन्होंने मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन ना किया हो। आपके सिस्टम में घुसपैठ करने के लिए हैकर्स कई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें एनीडेस्क, विनआरएआर और पीसीहंटर शामिल हैं। यूजर्स द्वारा इन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।

अकीरा का तोड़ क्या है?

अकीरा टार्गेट की गई डिवाइस में घुस जाता है जिसके बाद आपकी हर फाइल के अंत में .अकीरा लिखा आने लगेगा। अकीरा से बचने के लिए इंटरनेट यूजर्स को प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल्स पर ध्यान देना चाहिए, इसमें महत्वपूर्ण डेटा का ऑफलाइन बैकअप रखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा समय-समय पर अपने सिस्टम और ऐप्स को अपडेट करें। यहां मल्टी फैटर ऑथेंटिकेशन काफी अहम भूमिका निभाता है, इसमें एक जगह लॉगइन करने के लिए कई स्टेप्स फॉलो करने होते हैं और हैकर्स का काम मुश्किल होता है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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