Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) पर ट्रैफिक नियमों का उल्लघंन करने वाले पर कार्रवाई करने की राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई के पहले हफ्ते से एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम काम करना शुरू कर देगा। यह सिस्टम ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उन वाहनों की पहचान करेगा जो नियमों का उल्लघंन कर रहे हैं। जिनकी बाद में संबंधित राज्य की पुलिस को वाहन की फोटो और वीडियो भेजी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस के नियम के मुताबिक चालान काटकर वाहन चालक के मोबाइल पर जानकारी भेजी जाएगी। वहीं, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सीमा का चयन कर बोर्ड भी लगाए हैं ताकि पुलिस को जांच करने में आसानी हो।
इतनी स्पीड होती है तय
NHAI अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से रोजाना 11 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। इनमें सबसे ज्यादा ट्रक और कार हैं। जबकि एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहन, ट्रैक्टर, ऑटो आदि चलाने की अनुमति नहीं है। बावजूद नियमों को दरकिनार कर लोग बाइक दौड़ाते हैं। लोग शॉर्ट-कट के चक्कर में वाहनों को गलत दिशा में चलाते है। इसके अलावा कुछ कार चालक एक्सप्रेसवे पर ज्यादा स्पीड में वाहनों को चलाते है। कई बार मार्ग पर कार की स्पीड 200 किलोमीटर से भी ज्यादा की होती है। एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहन न चले इसके लिए हर प्रवेश पॉइंट पर बैरिकेडिंग कर मार्शल तैनात किए हैं।
समय-समय पर चेक होंगे डिवाइस
कंट्रोल रूम में हेल्थ डैशबोर्ड भी बनाया गया है। एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरा, माइक और रेंज डिवाइस सही चल रहे हैं या नहीं। उनकी जानकारी कंट्रोल रूम में रोजाना मिलेगी। कुछ भी खराब होने पर इसकी जानकारी तुरंत मिलेगी और उसको तय समय में ठीक करवाया जा सकेगा। इससे यहां से आवागमन करने वाले राहगीरों को शीघ्र मदद मिल पाएगी।
75 किलोमीटर दायरे में सीसीटीवी कैमरे
एक्सप्रेसवे पर 75 किलोमीटर दायरे में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो गया है। सोहना के अलीपुर में यातायात प्रबंधन केंद्र बनाया है,जिससे पूरे एक्सप्रेसवे की निगरानी होगी। इससे एक क्लिक पर कंट्रोल रूम से दिल्ली से मुंबई तक जानकारी मिल जाएगी। कंट्रोल रूम के अलावा राजस्थान के दौसा, मध्य प्रदेश, गुजरात और मुंबई में भी एक-एक उप यातायात प्रबंधन केंद्र बनाए जाएंगे।
