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कंपनियों की पसंद बन रहा GenAI, 96% भारतीय मिड-मार्केट फर्म दे रही प्राथमिकता

Indian mid-market firms prefer generative AI: एक रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में संस्थाएं अपने बिजनेस में बदलाव लाने के लिए दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले अधिक प्राथमिकता दे रही हैं। एआई इन कंपनियों के लिए गेम-चेंजर होने वाला है। एआई के पास किसी संस्था को इंटेलिजेंस इनसाइट्स, ऑटोमेशन देने की क्षमता है

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generative AI (Image Source: iStockphoto)

Indian mid-market firms prefer generative AI: मिड-मार्केट सेगमेंट की करीब 96 प्रतिशत भारतीय कंपनियां (250 से 1,500 कर्मचारी) जनरेटिव एआई को प्राथमिकता दे रही हैं, जबकि बाकी दुनिया में यह आंकड़ा 91 प्रतिशत है। एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी सामने आई। 2024 में भारतीय मिड-मार्केट कंपनियों द्वारा जनरेटिव एआई को अपनाने की वजह संस्था को साइबर खतरों के खिलाफ तैयार होना और बिजनेस के संचालन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

AI से बिजनेस में हो रहा बदलाव

एसएपी इंडिया की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में संस्थाएं अपने बिजनेस में बदलाव लाने के लिए दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले अधिक प्राथमिकता दे रही हैं। भारत उपमहाद्वीप में एसएपी के मैनेजिंग डायरेक्टर और अध्यक्ष मनीष प्रसाद ने कहा कि भारत का मिड मार्केट बिजनेस देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

गेम-चेंजर होने वाला है AI

उन्होंने आगे कहा, "एआई इन कंपनियों के लिए गेम-चेंजर होने वाला है। इससे इन कंपनियों को काम करने के लिए इनसाइट्स और डिजिटल अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ने में मदद करेगा।" सर्वे में भाग लेने वाली मिड-मार्केट कंपनियों में 67 प्रतिशत ने एआई को प्राथमिकता देने की वजह साइबर हमले, 65 प्रतिशत ने ऑपरेशन को पर्यावरण टिकाऊ योग्य बनाना, 55 प्रतिशत ने प्राइवेसी और सिक्योरिटी, 52 प्रतिशत ने निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना माना है।

एआई और रिस्क

एसएपी भारतीय उपमहाद्वीप के मिड मार्केट प्रमुख और उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने कहा कि एआई के पास किसी संस्था को इंटेलिजेंस इनसाइट्स, ऑटोमेशन देने की क्षमता है, जिससे वह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि डेटा एआई में सबसे बड़ा रिस्क है, क्योंकि एआई के नतीजों में पारदर्शिता नहीं है। ऐसे में एआई से मिली गलत जानकारी पर काम करना संस्थाओं के लिए अन्य बड़े रिस्क में से एक है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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