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2025 में क्लाउड पर खर्च बढ़ाने की योजना बना रहे 10 में से 8 MSMEs, रिपोर्ट में दावा

Cloud spending in 2025: देश के विकास में एमएसएमई सेक्टर एक बड़ी भूमिका निभाता है। आने वाले समय में इनकी संख्या 6.3 करोड़ से बढ़कर 7.5 करोड़ पर पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट में जानकारी मिली है कि 97 प्रतिशत एमएसएमई का कहना है कि वे अपनी आय 20 प्रतिशत हिस्सा आईटी और क्लाउड सर्विसेज पर खर्च करेंगे।

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MSMEs (Image-Istock)

KEY HIGHLIGHTS
  • विकास को लेकर आशावादी एमएसएमई इकाइयां
  • डिजिटल अनुभव को मजबूत बनाने पर फोकस
  • आय का 20 % आईटी और क्लाउड सर्विसेज पर खर्च

Cloud spending in 2025: भारत में हर 10 में से 8 या 81 प्रतिशत सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयां (एमएसएमई) 2025 में अपना क्लाउड पर खर्च में इजाफा कर सकती है। इसकी वजह एमएसएमई द्वारा कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम), फाइनेंसियल सर्विसेज और बिजनेस इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर में निवेश करना है। गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

डिजिटलाइजेशन और MSMEs

ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी जोहो की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया कि डिजिटलाइजेशन में एमएसएमई को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सॉफ्टवेयर की अधिक लागत, बजट की कमी, एकीकरण और स्किल की कमी शामिल है।

कारोबार बड़ा करने के लिए सही सॉल्यूशन की कमी

देश के विकास में एमएसएमई सेक्टर एक बड़ी भूमिका निभाता है। आने वाले समय में इनकी संख्या 6.3 करोड़ से बढ़कर 7.5 करोड़ पर पहुंचने की उम्मीद है। जोहो के वाइस प्रेसिडेंट मार्केटिंग और कस्टमर एक्सपीरियंस प्रवल सिंह का कहना है कि इस एमएसएमई दिवस पर हम इन इकाइयों की देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एमएसएमई के सामने सबसे बड़ी मुश्किल कारोबार बड़ा करने के लिए सही सॉल्यूशन न होना है।

डेवलपमेंट को लेकर आशावादी हैं यूनिट्स

रिपोर्ट में बताया गया कि 73 प्रतिशत एमएसएमई इकाइयां आने वाले 6 महीने में अपने विकास को लेकर आशावादी हैं। एमएसएमई बड़े स्तर पर कारोबार में तीन चुनौतियों का सामना कर रही हैं, जिसमें आर्थिक अनिश्चितता (54 प्रतिशत), महंगाई (44 प्रतिशत) और स्किल लेबर की कमी (33 प्रतिशत) हैं।

क्लाउड सॉल्यूशन पर निवेश बढ़ा

एमएसएमई का फोकस डिजिटल अनुभव को मजबूत बनाने को लेकर है। अपनी वृद्धि दर को बढ़ाने के लिए वे आईटी और क्लाउड सॉल्यूशन पर निवेश कर रहे हैं। रिपोर्ट में जानकारी मिली है कि 97 प्रतिशत एमएसएमई का कहना है कि वे अपनी आय 20 प्रतिशत हिस्सा आईटी और क्लाउड सर्विसेज पर खर्च करेंगे।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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