Mahavir Phogat on Vinesh Phogat Retirement: भारतीय महिला कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट ने कुश्ती को अलविदा (Vinesh Phogat Retirement) कह दिया है, इस घटनाक्रम के बाद विनेश फोगाट को कुश्ती सिखाने वाले उनके ताऊ महावीर फोगाट (Mahavir Phogat) ने कहा कि जब भी विनेश आएगी तो उसे समझाएंगे कि अभी और खेलना है, वह अपने संन्यास का फैसला बदल ले, हम उससे दिल छोटा नहीं करने और अभी से 2028 ओलंपिक की तैयारी में जुटने को कहेंगे।
गौर हो कि पेरिस ओलंपिक 2024 के रोमांच के बीच भारत का एक बड़ा झटका लगा है। पेरिस ओलंपिक में डिस्क्वालिफाई होने के एक दिन बाद भारतीय महिला कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट ने कुश्ती को अलविदा कह दिया। उन्होंने मां को याद करते हुए लिखा कि मां कुश्ती मेरे से जीत गई मैं हार गई।
महावीर फोगाट ने कहा कि 2016 में वह इंजरी की वजह से ओलंपिक में पदक नहीं जीत पाई थी, 2020 और 2024 में फेडरेशन और बृजभूषण के खिलाफ प्रदर्शन की वजह से वह दबाव में थी। महावीर बोले- 'प्रतियोगिता से विनेश को अयोग्य ठहराए जाने से देश को दुख पहुंचा है और यह दुख तभी कम होगा, जब वह देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएंगी।'
संन्यास के ऐलान से एक दिन तक वह पेरिस ओलंपिक 2024 में मेडल की रेस में थीं
संन्यास के ऐलान से एक दिन तक वह विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक 2024 में मेडल की रेस में थीं। लेकिन तय किग्रा से ज्यादा वजन होने के कारण उनको डिस्क्वालिफाई कर दिया था। इसके चलते वह टूट गई थीं। उन्होंने अपने संन्यास का ऐलान अपने सोशल मीडिया पर गुरुवार की सुबह 5.17 मिनट पर मैसेज पोस्ट कर के किया। उन्होंने लिखा कि मां कुश्ती मेरे से जीत गई मैं हार गई। माफ करना। आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके। इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। आगे उन्होंने लिखा कि अविदा कुश्ती 2001-2004। आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी माफी।
विनेश ने संन्यास के ऐलान से पहले डिस्क्वालिफिकेशन के खिलाफ अपील दायर की
विनेश ने संन्यास के ऐलान से पहले अपने डिस्क्वालिफिकेशन के खिलाफ अपील दायर की। उन्होंने मांग की कि उन्हेंने संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई फैसला नहीं आया है। विनेश ने पहले खिताबी मुकाबले में खेलने की अपील की की थी, लेकिन बाद में अपील को बदलकर संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल देने की मांग की है। ओलिंपिक से डिस्क्वालिफाई होने के बाद विनेश की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पीटी उषा से बात की थी। उन्होंने उषा से इस मामले में विरोध दर्ज कराने को भी कहा था।
