ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। वहीं भारतीय भारोत्तोलन टीम ने भी राष्ट्रमंडल खेलों में देश का नाम रोशन किया। सोमवार को खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारोत्तोलन पदक विजेताओं को सम्मानित कर उनके जज्बे को सलाम किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की हर जीत पूरे देश के लिए खुशी का पल बन जाती है। भारत ने CWG में भारोत्तोलन से कुल 8 पदक जीते। इसमें 1 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य शामिल है। टीम की सबसे बड़ी स्टार रहीं ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू जिन्होंने लगातार तीसरी बार CWG में गोल्ड अपने नाम किया। इससे पहले वो 2018 और 2022 में भी चैंपियन बन चुकी हैं।
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित
सम्मान समारोह में मीराबाई को उनकी उपलब्धि के लिए 30 लाख रुपये का चेक दिया गया। वहीं रजत पदक विजेताओं को 20-20 लाख और कांस्य विजेता को 10 लाख रुपये से नवाजा गया। देश के खेल मंत्री मांडविया ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, "शायद आपको अंदाजा नहीं होगा, लेकिन आपका जीता हुआ हर मेडल देश को कितनी खुशी देता है। जब भी आप में से किसी ने पदक जीता, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले उसकी घोषणा की गई।" उन्होंने उन खिलाड़ियों को भी हौसला दिया जो इस बार पदक नहीं जीत पाए। मांडविया बोले, "याद रखो खिलाड़ी कभी हारता नहीं। वो या तो जीतता है या जीतना सीखता है।"
मीराबाई चानू ने जाहिर की खुशी
सम्मान के बाद मीराबाई चानू ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "मुझे बहुत प्यार और सम्मान मिला। भारत के लिए कुछ कर पाना मेरे लिए सबसे बड़ा गर्व है।" आगे की योजना पर बात करते हुए मीराबाई ने बताया कि अब उनका फोकस अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों पर है। उन्होंने कहा, "48 किलोग्राम वर्ग अब खत्म हो गया है। इसलिए मैं 49 किलोग्राम में खेलूंगी। एशियाड का पदक मेरे पास नहीं है। वहां मुकाबला बहुत कठिन होगा, लेकिन मैं अपनी पूरी जान लगा दूंगी।"ओलंपिक के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कोई प्लान नहीं है। "पहले एशियाई खेल, फिर उसके बाद ही ओलंपिक के बारे में सोचूंगी।"
