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अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलने के बाद स्वदेश लौटने पर सोमालिया के रैफरी का हुआ जोरदार स्वागत

अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलने के बाद सोमालिया के फुटबॉल विश्व कप रैफरी उमर अर्टन का बुधावार को राजधानी मोगादिशू पहुंचने पर समर्थकों और अधिकारियों ने स्वागत किया। फीफा द्वारा चुने जाने के बाद उमर अर्टन को अमेरिका की धरती से वापस भेजने के बाद सोमालिया की सरकार ने इस मामले पर गहरा असंतोष जताया है।

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सोमालिया में उमर अर्टन का हुआ जोरदार स्वागत। फोटो- AP

मोगादिशू (सोमालिया)। अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलने के बाद सोमालिया के फुटबॉल विश्व कप रैफरी उमर अर्टन का बुधावार को राजधानी मोगादिशू पहुंचने पर समर्थकों और अधिकारियों ने स्वागत किया। अर्टन टूर्नामेंट के लिए फीफा की अंतिम सूची में जगह बनाने के बाद विश्व कप में रैफरी की भूमिका निभाने वाले सोमालिया के पहले रैफरी बनने वाले थे।

अमेरिका के सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने हालांकि, एक बयान में कहा कि मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जांच-पड़ताल से जुड़ी चिंताओं के कारण उन्हें देश में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद फीफा ने उन्हें टूर्नामेंट की रैफरी की सूची से हटा दिया। कीनिया में सोमालिया के दूतावास ने वीजा की प्रक्रिया की थी और उसके अनुसार अर्टन को पिछले हफ्ते अमेरिका जाने के लिए वीजा जारी किया गया था।

'मैं वादा करता हूं'

उन्होंने सोमालिया सरकार, लोगों और फीफा को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। अर्टन ने कहा, मैं आपसे वादा करता हूं कि अगर भगवान ने चाहा तो मैं अगले टूर्नामेंट का हिस्सा जरूर बनूंगा। मैं चाहता हूं कि सोमालिया की जनता धैर्य रखे और भरोसा बनाए रखे। इस दौरान हवाई अड्डे पर सैकड़ों समर्थकों ने सोमालिया का झंडा लहराया।

फैंस ने लहराया झंडा

वहीं, फीफा द्वारा चुने जाने के बाद उमर अर्टन को अमेरिका की धरती से वापस भेजने के बाद सोमालिया की सरकार ने इस मामले पर गहरा असंतोष जताया है। सोमालिया की सरकार का दावा है कि उन्होंने इस मामले पर फीफा और अमेरिका की सरकार से बातचीत करने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी कोशिशें विफल रहीं।

अर्टन फुटबॉल विश्व कप में हिस्सा लेने वाले पहले सोमाली रेफली बन सकते थे, लेकिन अमेरिका ने नए नियमों का हवाला देते हुए उनको मियामी से ही वापस भेज दिया। फीफा ने भी इस मामले पर उनका साथ नहीं दिया। फीफा का कहना है कि वे आव्रजन और नियमों में शामिल नहीं हैं। यह मेजबान देश का अधिकार है।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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