कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शॉट-पुट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय पैरा-एथलीट शर्मिला धनकड़ ने अपनी उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 में गोल्ड जीतना केवल एक ट्रेलर है, और फिल्म अभी बाकी है"। 40 वर्षीय भारतीय पैरा एथलीट ने 9.81 मीटर का थ्रो फेंककर सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और इस स्पर्धा में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
एएनआई से बात करते हुए धनकड़ ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में मिला स्वर्ण पदक तो बस शुरुआत है, उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेल और फिर ओलंपिक गोल्ड जीतना है। उन्होंने अपनी इस यात्रा में सहयोग के लिए अपनी मां और सरकार को धन्यवाद दिया। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पहली पैरा-एथलेटिक्स गोल्ड मेडल विजेता बनने पर उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपनी इस उपलब्धि के ऐतिहासिक महत्व का अंदाजा नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि अपने जीवन में कई उपलब्धियां हासिल करने पर वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं।
उन्होंने कहा 'जब भगवान ने मुझे बस कंडक्टर बनाया तब भी मैं हरियाणा की पहली महिला बस कंडक्टर थी, और अब जब मैंने गोल्ड मेडल जीता तो वह भी भारत का पहला मेडल था।
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उन्होंने कहा 'घर आकर और बच्चों से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। बच्चों ने मेडल देख लिए। मैं बिना बताए आ गई, किसी को नहीं बताया, बस अचानक पहुंच गई। मैं बिना सूचना दिए आई, इसलिए उन्हें सरप्राइज मिला और वे और भी खुश हो गए। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि राष्ट्रमंडल में स्वर्ण पदक मिलेगा और इतना कुछ होगा। मैं बहुत खुश हूं। हमारे देश ने जो प्यार दिया है, मुझे पता ही नहीं था कि इतना प्यार मिलता भी है। इसलिए यह बहुत अच्छा एहसास है।
