FIFA World Cup 2026: अमेरिका में हो रहे फीफा क्लब वर्ल्ड कप में एक अजीब मामला सामने आया है। सोमालिया के टॉप रेफरी ओमर आर्टन को टूर्नामेंट के लिए अमेरिका में एंट्री ही नहीं दी गई। लेकिन इसके बावजूद फीफा उन्हें टूर्नामेंट की पूरी फीस देगा, चाहे उन्होंने एक भी मैच में सीटी न बजाई हो। 'द एसोसिएटेड प्रेस' के मुताबिक मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि आर्टन को भुगतान पाने का पूरा हक है। करीब छह हफ्ते तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में भले ही वो कोई मैच ऑफिशिएट न कर पाएं, फिर भी उनकी फीस नहीं काटी जाएगी। सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर ये बात कही क्योंकि उसे सार्वजनिक तौर पर बोलने की इजाज़त नहीं थी। उसने ये भी बताया कि फीस का अंतिम फैसला अगले महीने टूर्नामेंट खत्म होने के बाद ही होगा।
अफ्रीका के सबसे बड़े मैच रेफरी
ओमर आर्टन अफ्रीका के सबसे बड़े रेफरी में गिने जाते हैं। उन्हें 2025 में अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ पुरुष रेफरी भी चुना गया था। वो कई बड़े इंटरनेशनल मैचों में रेफरी कर चुके हैं। लेकिन पिछले हफ्ते जब वो इस्तांबुल से मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे तो सोमालिया का नागरिक होने के चलते उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया।ये मामला वीजा और एंट्री नियमों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। फीफा ने आर्टन को टूर्नामेंट के लिए चुना था, लेकिन अमेरिकी इमिग्रेशन ने उन्हें रोक दिया। अब आर्टन बिना एक भी मैच कराए घर लौट जाएंगे, लेकिन फीफा की पॉलिसी के तहत उन्हें पूरी फीस मिलेगी।
फीफा की क्या है पॉलिसी
फीफा आमतौर पर अपने ऑफिशियल्स को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर भुगतान करता है। अगर किसी रेफरी को चुना जाता है और वो किसी बाहरी कारण से ड्यूटी नहीं कर पाता, तो भी उसे तय रकम दी जाती है। ओमर आर्टन का मामला उसी पॉलिसी में आएगा। फिलहाल ये साफ नहीं है कि उन्हें कितनी रकम मिलेगी, लेकिन क्लब वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में रेफरी की फीस लाखों में होती है।
