Hylo Open 2026: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने रविवार को डेनमार्क की विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ड को सीधे गेम में हराकर हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया जो मौजूदा सत्र का उनका दूसरा खिताब है। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने पांच लाख डॉलर इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट के 39 मिनट तक चले फाइनल में आठवीं वरीयता प्राप्त केयर्सफेल्ड को 21-12, 21-14 से शिकस्त दी।
जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीतने वाली और पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही सिंधू ने पूरे मुकाबले में शानदार नियंत्रण और दमदार खेल का प्रदर्शन किया। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज भारतीय खिलाड़ी ने इस जीत के साथ 9,200 रैंकिंग अंक हासिल किए और सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की।
विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज भारतीय खिलाड़ी ने इस जीत के साथ 9,200 रैंकिंग अंक हासिल किए और सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स में जगह बनाने की अपनी दावेदारी मजबूत की। यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आई हैं, सिंधू ने कहा, ’’बिल्कुल। मेरी पूरी टीम को इसका श्रेय जाता है। हम इसी के अनुसार योजना बना रहे हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने खेल को बेहतर बनाएं और फैसले लेने में अधिक समझदारी दिखाएं।’’
उन्होंने कहा, ’’लेकिन मेरे लिए साथ ही शांतचित्त बने रहना भी महत्वपूर्ण था। अब भी सुधार की गुंजाइश है। चीजें बेहतर हो रही हैं और मैं इससे खुश हूं।’’
रविवार को ही लक्ष्य सेन भारत को दोहरी सफलता दिलाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगे जब वह पुरुष एकल फाइनल में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से भिड़ेंगे।
दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधू का फाइनल से पहले केयर्सफेल्ड के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 6-1 था। डेनमार्क की खिलाड़ी को उनके खिलाफ एकमात्र जीत 2025 सुदीरमन कप फाइनल्स में मिली थी।
सिंधू ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की लेकिन उनकी कुछ गलतियों के कारण डेनमार्क की खिलाड़ी 3-3 से बराबरी हासिल करने में सफल रही।
केयर्सफेल्ड ने रैलियों को लंबा खींचने की कोशिश की लेकिन सिंधू के चतुराई भरे शॉट और नेट पर शानदार खेल ने उन्हें 8-5 की बढ़त दिला दी और भारतीय खिलाड़ी ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बनाने में सफल रही।
भारतीय खिलाड़ी ने कोर्ट के पिछले हिस्से से सटीक पुश शॉट लगाकर 14-11 की बढ़त बनाई और फिर शानदार बैकहैंड विनर के साथ स्कोर 17-12 कर दिया।
केयर्सफेल्ड का शॉट इसके बाद नेट में उलझ गया जिससे सिंधू शुरुआती गेम जीतने से सिर्फ दो अंक दूर रह गईं। भारतीय खिलाड़ी ने जल्द ही आठ गेम प्वाइंट हासिल किए और पहले ही मौके को भुनाकर पहला गेम अपने नाम कर लिया।
सिंधू ने दूसरे गेम में भी दबदबा बनाए रखा। उन्होंने 4-2 की बढ़त बनाई और फिर कुछ विनर शॉट लगाकर स्कोर 6-3 कर दिया। केयर्सफेल्ड ने वापसी करते हुए स्कोर 6-7 किया लेकिन इसके बाद वह दो शॉट बाहर मार बैठीं। सिंधू ने एक और विनर लगाकर अपनी बढ़त को 10-6 किया। सिंधू ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखते हुए स्कोर 17-11 किया जबकि डेनमार्क की खिलाड़ी को नेट पर अपने खेल को लेकर जूझना पड़ा। सिंधू ने आक्रामक रिटर्न शॉट के साथ छह चैंपियनशिप प्वाइंट हासिल किए और फिर नेट पर केयर्सफेल्ड की गलती का फायदा उठाकर मैच और खिताब अपने नाम कर लिया।
