भोपाल में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी के महंगे शौक पूरे करने के लिए एक शोरूम कर्मचारी ही कार चोर बन गया। आरोपी ने अपने ही शोरूम से करीब 23 लाख रुपये कीमत की लग्जरी कार चोरी कर ली और किसी को भनक तक नहीं लगने दी। इतना ही नहीं,उसने कार को ग्राहक के नाम पर बुकिंग दिखाकर शोरूम से बाहर निकाला और फिर लेकर फरार हो गया। लेकिन कंपनी के स्टॉक मिलान और कार की GPS लोकेशन ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
मामला भोपाल के फॉक्सवैगन कार शोरूम का है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद पिछले करीब एक साल से शोरूम में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान उसे शोरूम की कार्यप्रणाली,गाड़ियों की बुकिंग और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी हो गई थी। पुलिस के मुताबिक,आरोपी की पत्नी को महंगी और लग्जरी कारों का शौक था। पत्नी के इसी शौक को पूरा करने के लिए उसने चोरी की योजना बनाई।
ग्राहक की बुकिंग के नाम पर निकाली कार
आरोपी ने शोरूम में ग्राहक के नाम पर Volkswagen Virtus GT कार की बुकिंग दिखाई। इसके बाद मौका पाकर करीब 23 लाख रुपये कीमत की कार शोरूम से बाहर निकाल ली और लेकर फरार हो गया। शुरुआत में शोरूम प्रबंधन को इसकी भनक नहीं लगी,लेकिन जब कंपनी ने गाड़ियों का स्टॉक मिलाया तो एक कार गायब मिली। इसके बाद शोरूम में हड़कंप मच गया और मामले की जांच शुरू की गई।
GPS ने खोली चोरी की पोल
कंपनी की ओर से कार की GPS लोकेशन ट्रैक की गई तो उसकी लोकेशन आशिमा मॉल के आसपास मिली। जब पुलिस और संबंधित टीम मौके पर पहुंची तो वहां चोरी की गई कार चलती हुई मिली। खास बात यह थी कि कार आरोपी की पत्नी चला रही थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की पड़ताल शुरू की और जांच की कड़ियां जोड़ते हुए शोरूम कर्मचारी गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद की भूमिका सामने आई।
पत्नी के शौक के लिए बना चोर, पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले में अशोका गार्डन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी की गई 23 लाख रुपये कीमत की लग्जरी कार भी बरामद कर ली है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
अशोका गार्डन थाने के उपनिरिक्षक ओकर सिंह ने बताया की लग्जरी कार शोरूम का एक कर्मचारी ही कार चोरी के मामले में आरोपी निकला। फॉक्सवैगन शोरूम में काम करने वाले गजेंद्र सिंह उर्फ ऋषि आनंद ने करीब 23 लाख रुपये कीमत की Volkswagen Virtus GT कार चोरी कर ली। हैरानी की बात यह है कि कार 25 सितम्बर को शोरूम की पार्किंग से निकाली गई,लेकिन शोरूम प्रबंधन को इसकी जानकारी पांच दिन बाद लगी।
ओकर सिंह ने बताया कि आरोपी करीब एक साल से शोरूम में सेल्समैन के तौर पर काम कर रहा था। उसे गाड़ियों की पूरी जानकारी थी। शोरूम में गाड़ियों की चाबियां और उनकी बुकिंग और डिलीवरी से जुड़ी प्रक्रिया की भी उसे जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने कार की चाबी हासिल की और 25 सितंबर को कार लेकर शोरूम से निकल गया।उन्होंने बताया की शोरूम प्रबंधन को 30 सितंबर को उस वक्त कार गायब होने का पता चला, जब ग्राहक को गाड़ी की डिलीवरी देने के लिए कागजी कार्रवाई और स्टॉक का मिलान किया जा रहा था। रिकॉर्ड में कार मौजूद थी, लेकिन पार्किंग में गाड़ी नहीं मिली। इसके बाद शोरूम के CCTV कैमरे खंगाले गए। फुटेज में कार पार्किंग से बाहर जाती दिखाई दी।
GPS ने पहुंचाया आरोपी के घर तक
इसके बाद कंपनी ने कार का GPS सिस्टम एक्टिव कराया। लोकेशन दानिशनगर स्थित केंद्रीय विद्यालय-3 के पास मिली। यह लोकेशन शोरूम कर्मचारी गजेंद्र सिंह के घर के आसपास की थी। इसके बाद शोरूम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वहां उन्हें चोरी की गई कार मिली।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
शोरूम प्रबंधन की शिकायत पर अशोका गार्डन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गजेंद्र सिंह उर्फ ऋषि आनंद को गिरफ्तार कर लिया। ओकर सिंह के मुताबिक, आरोपी ने पत्नी के शौक पूरे करने के लिए कार चोरी की, इस बात की पुष्टि पूछताछ में नहीं हुई है। पुलिस अब चोरी के पीछे की वास्तविक वजह और इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।
