हैमिल्टन: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला में मिली जीत को 'असाधारण उपलब्धि' करार देते हुए कहा कि खिलाड़ियों के आक्रामक और बेखौफ रवैये ने तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने की कमी को पूरा किया। भारत ने पांच मैचों की शृंखला के शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर अजेय बढ़त हासिल की थी लेकिन न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर शृंखला का समापन 2-3 से किया।
युवा खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन
भारतीय टीम को इस दौरे पर परिस्थितियों से तालमेल बैठाने के लिए बेहद कम समय मिला था। टीम 20 अक्टूबर को न्यूजीलैंड पहुंची और 21 अक्टूबर को सिर्फ एक अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। इसके अगले ही दिन यानी 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में शृंखला का पहला मुकाबला खेला गया। लंबी हवाई यात्रा की थकान, मौसम में बदलाव और टीम के अधिकांश खिलाड़ियों का न्यूजीलैंड का पहला दौरा होने के बावजूद भारत ने शानदार प्रदर्शन किया।
प्लेयर्स को अपने प्रदर्शन पर होना चाहिए गर्व
गंभीर ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय के बाद का,'यह निश्चित रूप से अविश्वसनीय प्रयास था क्योंकि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए केवल एक दिन मिला था। वे 20 अक्टूबर को पहुंचे और 21 अक्टूबर को अभ्यास किया। अलग परिस्थितियां, अलग मौसम और मैदान के अलग-अलग आयाम थे। हमारी टीम को टी20 प्रारूप में काफी अनुभव रखने वाले न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसी के मैदान पर खेलना था। हमारी टीम के ज्यादातर खिलाड़ी भी पहली बार न्यूजीलैंड दौरे पर आए थे। खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन पर गर्व होना चाहिए, खासकर तब जब तैयारी के लिए लगभग कोई समय ही नहीं मिला हो।
टेस्ट सीरीज के लिए हमने बनाई है योजना
भारत को इस दौरे पर पांच वनडे और दो टेस्ट मैच भी खेलने हैं। गंभीर का मानना है कि इन प्रारूपों के लिए टीम को बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। गंभीर ने कहा,'मुझे नहीं लगता कि हमने टी-20 क्रिकेट के लिए बहुत ज्यादा योजना बनाई थी, क्योंकि हमें वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार दो शृंखला खेलनी थीं। हमने दो टेस्ट मैचों को लेकर कुछ योजना जरूर बनाई थी। हम चाहते थे कि हमारे ज्यादातर टेस्ट खिलाड़ी, चाहे बल्लेबाज हों या गेंदबाज, इन परिस्थितियों में कम से कम एक चार दिवसीय मुकाबला जरूर खेलें।'
प्लेयर्स को मिलना चाहिए जीत का श्रेय
गंभीर ने कहा कि इस दौरे पर सबसे बड़ी चुनौती टी-20 टीम के सामने थी, क्योंकि वनडे और टेस्ट खिलाड़ियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलने वाला था जबकि टी-20 टीम को ऐसा मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा,'हम काफी अलग मौसम और परिस्थितियों में मुकाबले खेल रहे थे। 15 घंटे की उड़ान के बाद केवल एक अभ्यास सत्र में हिस्सा लेकर अगर खिलाड़ी किसी मजबूत टीम के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन कर सकते हैं तो इसका पूरा श्रेय उन्हें मिलना चाहिए।'
अय्यर ने की शानदार कप्तानी
गंभीर ने इस मौके पर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में श्रेयस ने सीमित संसाधनों के बावजूद गेंदबाजों से शानदार प्रदर्शन करवाया। गंभीर ने कहा,'श्रेयस ने एक बेहद सफल टी-20 टीम की कमान संभाली थी, जिसने विश्व कप जीता था और दो साल तक कोई शृंखला नहीं गंवाई थी। विश्व कप के बाद भी हमें कई मजबूत टीमों का सामना करना पड़ा। हमने इंग्लैंड का दौरा किया, जहां हमें हार मिली। आयरलैंड में भी हमें हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान हमने कई नए खिलाड़ियों को मौका दिया। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों के दौरे पर अनुभव की कमी खलती है, लेकिन यह युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा अवसर भी है। अगर आप अगले विश्व कप की तैयारी करना चाहते हैं तो युवा खिलाड़ियों को अवसर देना और दौरे के दौरान ही उन्हें निखारना जरूरी है।'
अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण से लिया बेहतरीन काम
श्रेयस की कप्तानी की तारीफ करते हुए गंभीर ने कहा,'गेंदबाजी इकाई में इतने अनुभव की कमी होने के बावजूद श्रेयस ने शानदार काम किया है। एक कप्तान का प्रदर्शन काफी हद तक उसके बल्लेबाजों और गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। खासकर अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण के साथ उन्होंने बेहतरीन काम किया है।'
मेरी सोच और विचारधारा में नहीं है डर के लिए जगह
गंभीर से जब पूछा गया कि क्या लगातार सामने आने वाली चुनौतियां उन्हें कभी परेशान या विचलित करती हैं, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज कहा,'मैं किसी चीज से नहीं डरता। मेरे शब्दकोश, मेरी सोच और मेरी विचारधारा में डर के लिए कोई जगह नहीं है। हम पेशेवर हैं और मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कोई बहाना नहीं होना चाहिए।'
(भाषा)
