नई दिल्ली: भारतीय भारोत्तोलन की गोल्डन गर्ल मीराबाई चानू ने ग्लास्गो में चल रहे 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किग्रा भारवर्ग स्पर्धा में कुल 190 किग्रा वजन ( 85 स्नैच और 105 क्लीन एंड जर्क) उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। ओलंपिक खेलों की सिल्वर मेडल विजेता चानू का राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। इस स्वर्णिम सिलसिले की शुरुआत चानू गोल्ड कोस्ट में साल 2018 में की थी, इसके बाद उन्होंने साल 2022 में बर्मिंघम में और अब ग्लास्गो में गोल्ड मेडल अपने नाम करने में सफल रहीं। साल 2014 में चानू ने ग्लास्गो में सिल्वर मेडल जीता था। यह भारत का मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में पहला गोल्ड और कुल तीसरा पदक है। इससे पहले ऋषिकांत सिंह ने आज भारोत्तल में पुरुषों के 60 किग्रा भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। वहीं झंडू सिंह ने पॉवरलिफ्टिंग में कांस्य पदक भारत को शनिवार को दिलाया था।
चानू ने एक बार फिर साबित की अपनी काबीलियत
पीएम नरेंद्र मोदी ने ग्लास्गो 2026 में गोल्ड मेडल जीतने पर मीराबाई चानू को बधाई देते हुए कहा, 'भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक और शानदार अध्याय! प्रतिभाशाली मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए और गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की है। कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल मिलाकर चौथा मेडल जीतने वाली मीराबाई हर भारतीय के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उन्हें बधाई और भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।'
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स्नैच में बनाया नया राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड
मेडल की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक 32 वर्षीय चानू ने देशवासियों को निराश नहीं किया। भले ही उनका पहला प्रयास निराशाजनकर रहा, लेकिन उन्होंने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए अपने तीसरे प्रयास में 85 किलोग्राम का भार उठाया। चानू का पहला प्रयास फेल रहा था जबकि दूसरे प्रयास में उन्होंने आसानी से 82 किलोग्राम का वजन उठाया। क्लीन एंड जर्क में भी उनका पहला प्रयास फेल रहा, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने 105 किलोग्राम भार उठाकर गोल्ड मेडल पक्का कर लिया। सिल्वर मेडल नाइजीरिया के न्योंग रुथ एसुको (NYONG Ruth Asuquo) और कांस्य पदक ब्रोंज मेडल मलेशिया की हेनरी इरेन जेन (HENRY Irene Jane) को मिला।
