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24 घंटे का दौरा और 15000 जवान...शी जिनपिंग अपने साथ लाए बुलेटप्रूफ 'हॉन्गछी' स्टेट लिमोजीन कार, दिल्ली में थी अभूतपूर्व सुरक्षा

राष्ट्रपति जिनपिंग की सुरक्षा के लिए चीन की ओर से लगभग 10 दिन पहले ही एक विशेष कार्गो विमान से उनकी बुलेटप्रूफ 'हॉन्गछी' स्टेट लिमोजीन कार, बैकअप गाड़ियां और संचार उपकरण दिल्ली पहुंचाए गए थे।

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जिनपिंग के भारत दौरे पर अभूतपूर्व सुरक्षा

Jinping India Visit: 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 24 घंटे की भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। 7 साल बाद हुई उनकी इस भारत यात्रा को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा का अभूतपूर्व ढांचा तैयार किया गया था। राष्ट्रपति जिनपिंग और चीनी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों और अर्धसैनिक बलों (CAPF) की लगभग 200 कंपनियों को तैनात किया गया था।

मल्टी-लेयर नो-फ्लाई जोन और CBRN सुरक्षा

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के ठहरने वाले होटल और ट्रैवल रूट पर अस्थाई नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। किसी भी केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल या न्यूक्लियर (CBRN) खतरे और रेडिएशन से निपटने के लिए होटल के आसपास और अंडरग्राउंड पाइपलाइनों की गहन चेकिंग की गई।

चीन से आई 'रेड फ्लैग' लिमोजीन और कार्गो

राष्ट्रपति जिनपिंग की सुरक्षा के लिए चीन की ओर से लगभग 10 दिन पहले ही एक विशेष कार्गो विमान से उनकी बुलेटप्रूफ 'हॉन्गछी' स्टेट लिमोजीन कार (Hongqi state limousine), बैकअप गाड़ियां और संचार उपकरण दिल्ली पहुंचाए गए थे।

700 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी

आईजीआई एयरपोर्ट से लेकर शांति पथ और मुख्य आयोजन स्थल 'भारत मंडपम' तक 700 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। तुगलक रोड थाने में बनाए गए डेडिकेटेड कंट्रोल रूम से 500 से अधिक कैमरों की लाइव फीड की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

ड्रोन और एंटी-टेरर स्क्वाड ऑन अलर्ट

किसी भी सम्भावित खतरे या अकेले हमलावर की आशंका को देखते हुए एनएसजी (NSG) कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। शी जिनपिंग सम्मेलन में भाग लेने के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।

BRICS समिट और भारत-चीन संबंध

शी जिनपिंग की इस 24 घंटे की यात्रा का महत्व केवल ब्रिक्स तक सीमित न होकर भारत-चीन के बदलते कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी काफी संवेदनशील है।

7 साल बाद पहला भारत दौरा

शी जिनपिंग आखिरी बार अक्टूबर 2019 में अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए तमिलनाडु के मामल्लपुरम (महाबलेश्वर) आए थे। इसके बाद 2020 में गलवान घाटी की सैन्य झड़प के कारण दोनों देशों के संबंधों में अब तक का सबसे बड़ा तनाव पैदा हो गया था। 2023 में दिल्ली में आयोजित G20 समिट से भी शी जिनपिंग ने दूरी बनाई थी, ऐसे में 7 साल बाद उनका यह भारत आगमन बेहद अहम माना जा रहा है।

सीमा पर सैन्य वापसी और गश्त समझौता

यह यात्रा दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर 2020 के पहले की स्थिति बहाल करने, पेट्रोलिंग व्यवस्था फिर शुरू करने और पूर्वी लद्दाख में सैन्य वापसी के लिए हुए समझौते के बाद हो रही है। इस समिट के इतर पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय बातचीत से दोनों देशों के आर्थिक व व्यापारिक संबंधों को पटरी पर लाने की उम्मीद जताई जा रही है।

18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन

भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुए 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत सदस्य देशों के 16 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया। मिस्र, ईरान, इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इंडोनेशिया के पूर्णकालिक सदस्य बनने के बाद 'विस्तारित BRICS' का यह पहला बड़ा शिखर सम्मेलन रहा, जिसका मुख्य एजेंडा वैश्विक शासन सुधार, व्यापार में स्थानीय मुद्राओं का उपयोग और विकासशील देशों यानी Global South का सशक्तिकरण है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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