क्रिकेट

नकवी से ट्रॉफी न लेने पर टीम इंडिया के साथ BCCI, कहा- पाकिस्तान के नेता से हम खिताब नहीं ले सकते

एशिया कप ट्रॉफी न लेने के विवाद पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, देशवासियों का दबाव था कि पाकिस्तान से रिश्ते न रखें, लेकिन मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलना सरकार की नीति है। हम उसी नीति का पालन कर रहे हैं। अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों की पूरी स्थिति बदल गई है। पहलगाम घटना के बाद पाकिस्तान से रिश्ते बहुत बिगड़ गए हैं। इसलिए पाकिस्तान के मुख्य नेता से हम ट्रॉफी नहीं ले सकते हैं।

Image

एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर भारतीय टीम के साथ बीसीसीआई। फोटो-ACC

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय महिला टीम ने एसीसी चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। मैच के बाद भारतीय टीम विनर्स ट्रॉफी लेने मंच पर प्रेजेंटेशन के लिए नहीं पहुंची। इस पर अब बीसीसीआई ने महिला टीम का पक्ष लेते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों की पूरी स्थिति बदल गई है। ऐसे में पाकिस्तान के मुख्य नेता से भारतीय टीम ट्रॉफी नहीं ले सकती है।

मैच के बाद श्रीलंकाई टीम को उप-विजेता टीम के रूप में पुरस्कार राशि और मेडल्स दिए गए। इस दौरान मोहसिन नकवी मंच पर मौजूद थे। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ट्रॉफी लेने नहीं पहुंची। यहां तक की प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड का ऐलान भी नहीं किया गया।

आतंकी हमले के बाद बदली तस्वीर

ट्रॉफी विवाद पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, देशवासियों का दबाव था कि पाकिस्तान से रिश्ते न रखें, लेकिन मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलना सरकार की नीति है। हम उसी नीति का पालन कर रहे हैं। अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों की पूरी स्थिति बदल गई है। पहलगाम घटना के बाद पाकिस्तान से रिश्ते बहुत बिगड़ गए हैं। इसलिए पाकिस्तान के मुख्य नेता से हम ट्रॉफी नहीं ले सकते हैं।

खत्म हो सकता है विवाद

एशिया कप ट्रॉफी का विवाद थम सकता है, जब तक मोहसिन नकवी एसीसी चेयरमैन है। चेयरमैन चाहे तो वह किसी अन्य अधिकारी के हाथों ट्रॉफी विजेता टीम को दिला सकता है। ऐसा साल 2022 एशिया कप के समय हुआ था, जब एसीसी प्रेसिडेंट के पद पर जय शाह थे। जब श्रीलंका ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया तो कप्तान दासुन शनाका ने श्रीलंका क्रिकेट के प्रेसिडेंट शम्मी सिल्वा से ट्रॉफी ली थी। इसलिए ट्रॉफी देने का प्रोटोकॉल कभी भी सिर्फ एसीसी चेयरमैन तक ही सीमित नहीं रहा है।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

    और पढ़ें
    End of Article