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Paris Olympics 2024: बैडमिंटन और शूटिंग में हाथ से फिसले मेडल, महिला टेबल टेनिस टीम क्वार्टर फाइनल में, जानिए हर मैच का परिणाम एक जगह

Paris Olympics 2024, 05 August 2024 Match Reports: पेरिस ओलंपिक 2024 में सोमवार का दिन भी भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद खराब रहा। बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन को ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ी मेडल से चूक गए। वहीं, टेबल टेनिस टीम इवेंट में भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं।

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लक्ष्स सेन और निशा। (फोटो- SAI Media X)

Photo : Twitter

Paris Olympics 2024, 05 August 2024 Match Reports: बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने लगातार दूसरे दिन बढ़त बनाने के बाद मैच गंवाकर कांस्य पदक जीतने का मौका भी गंवा दिया जबकि निशानेबाज महेश्वरी चौहान और अनंत जीत सिंह नरूका की स्कीट मिश्रित टीम भी कांस्य पदक के मुकाबले में हार गए जिससे पेरिस ओलंपिक खेलों में सोमवार को भी भारत के हाथ कोई पदक नहीं आया। महिला टेबल टेनिस टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर खुशी मनाने का मौका दिया जबकि एथलेटिक्स में अविनाश साबले ने तीन हजार मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में जगह बनाई।

लक्ष्य पहला गेम जीतने और दूसरे में बढ़त बनाने के बावजूद कांस्य पदक के प्ले ऑफ में मलेशिया के ली जी जिया के खिलाफ तीन गेम में हारकर पुरुष एकल स्पर्धा में पदक जीतने वाला पहला भारतीय खिलाड़ी बनने से चूक गए। सेमीफाइनल की तरह कांस्य पदक के प्ले ऑफ में भी दुनिया के 22वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य ने बढ़त गंवाई और उन्हें 71 मिनट चले मुकाबले में दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी ली के खिलाफ 21-13, 16-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा।

लक्ष्य ने ली के खिलाफ पहला गेम जीतने के बाद दूसरे में 8-3 की बढ़त बना रखी थी लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार नौ अंक गंवाकर मलेशिया के खिलाड़ी को वापसी का मौका दिया जिसने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य की ली के खिलाफ छह मैचों में यह दूसरी हार है। इस हार के साथ लक्ष्य साइना नेहवाल (लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य) और पीवी सिंधू (रियो ओलंपिक 2016 में रजत और तोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य) के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाला तीसरा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनने से भी चूक गए।

महेश्वरी-नरूका भी मेडल से चूके

महेश्वरी और नरूका को स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा के कांस्य पदक के मुकाबले में चीन की यितिंग जियांग और लियू जियानलिन की जोड़ी से एक अंक से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को 48 निशाने के फाइनल मैच में 43-44 से शिकस्त मिली। महेश्वरी अपने 24 निशाने में से तीन में चूक गई जबकि नरूका दो निशाने चूक गए। चीन की यितिंग चार निशाने चूक गई लेकिन उनके पुरुष खिलाड़ी जियानलिन ने अपने सभी निशाने सटीक लगाकर इसकी भरपाई कर दी। इससे पहले क्वालीफिकेशन में भारतीय जोड़ी ने 146 स्कोर कर कांस्य पदक मुकाबले के लिए क्वालीफाई किया था। भारतीय जोड़ी क्वालीफिकेशन के पहले चरण के बाद 49 अंक लेकर संयुक्त दूसरे स्थान पर थी। पहले दौर में नरूका ने 25 में से 25 और महेश्वरी ने 24 अंक बनाये दूसरे दौर में महेश्वरी ने 25 अंक बनाए लेकिन नरूका दूसरी और पांचवीं सीरीज में चूककर 23 अंक ही बना सके । तीसरे दौर में महेश्वरी ने 25 और नरूका ने 24 अंक बनाये।

भारत महिला टेबल टेनिस टीम क्वार्टर फाइनल में

स्टार खिलाड़ी मनिका बत्रा की अगुआई में भारत ने महिला टेबल टेनिस टीम स्पर्धा में अपने से ऊंची रैंकिंग वाले रोमानिया को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। भारत 2-0 से आगे चल रहा था लेकिन रोमानिया ने वापसी करते हुए 2-2 से बराबरी हासिल कर ली लेकिन निर्णायक मैच में मनिका ने जीत दर्ज करके टीम को अंतिम आठ में पहुंचा दिया। श्रीजा अकुला और अर्चना कामथ ने युगल मैच में एडिना डायकोनू और एलिजाबेटा समारा पर 11-9, 12-10, 11-7 से जीत दर्ज करके मुकाबले की शुरुआत की जिसके बाद मनिका ने अपने से बेहतर रैंकिंग वाली बर्नाडेट जोक्स को 11-5, 11-7, 11-7 से हराकर 11वें वरीय भारत को चौथे वरीयता प्राप्त प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ 2-0 की बढ़त दिलाई।

दूसरे एकल में श्रीजा यूरोपीय चैंपियन समारा से 2-3 (11-8 4-11 11-7 6-11 8-11) से हार गईं। श्रीजा की हार के बाद अर्चना और बर्नाडेट के बीच मुकाबला हुआ। बर्नाडेट ने पहला गेम 11-5 से जीत लिया लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने दूसरा गेम 11-8 से जीतकर बराबरी हासिल कर ली। बर्नाडेट ने अगले दो गेम 11-7, 11-9 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया और मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद मनिका ने एडिना को 3-0 (11-5, 11-9, 11-9) से हराकर भारत को अंतिम आठ में जगह दिलाई।

साबले तीन हजार मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में

साबले ने तीन हजार मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा की हीट दो में आठ मिनट 15.43 सेकेंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई और यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय धावक बने। प्रत्येक हीट से शीर्ष पांच धावकों ने फाइनल में प्रवेश किया। साबले की हीट में मोरक्को के मोहम्मद टिंडोफ्ट आठ मिनट 10.62 सेकेंड के निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ शीर्ष पर रहे। साबले ने हालांकि हीट में अधिक जोर नहीं लगाया और आठ मिनट 9.91 सेकेंड के अपने अपने सत्र के और निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी पीछे रहे। इससे पहले किरण पहल अपनी हीट रेस में सातवें स्थान पर रहने के बाद महिलाओं की 400 मीटर में स्वत: सेमीफाइनल में जगह बनाने में असफल रहीं। अब वह रेपेचेज दौर में दौड़ेंगी। अपना 24वां जन्मदिन मना रही किरण ने 52.51 सेकेंड का समय लिया जो उनके सत्र के 50.92 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ से खराब प्रदर्शन है। छह हीट में से प्रत्येक में शीर्ष तीन ने सेमीफाइनल में जगह पक्की की जबकि डीएनएस (रेस शुरू नहीं करने वाले) डीएनएफ (रेस खत्म नहीं करने वाले) और डीक्यू (अयोग्य) को छोड़कर अन्य सभी मंगलवार को होने वाले रेपेचेज दौर में भाग लेंगे।

महिला कुश्ती में निशा क्वार्टर फाइनल में हारी

भारतीय पहलवान निशा को महिला 68 किग्रा कुश्ती मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में चोटिल होने के बाद उत्तर कोरिया की पाक सोल गम के खिलाफ 8-10 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। जब लगभग एक मिनट का खेल बचा था तब निशा 8-2 से आगे चल रहीं थी लेकिन इसके बाद उनके दाएं हाथ में चोट लगी और इसका फायदा उठाकर उत्तर कोरिया की खिलाड़ी आठ अंक और जुटाकर जीत दर्ज करने में सफल रहीं। निशा ने अंतिम 16 के मैच में यूक्रेन की तेतियाना सोवा को 6-4 से हराकर शुरुआत की थी। निशा शुरुआत में तेतियाना से पिछड़ रही थी लेकिन उन्होंने 4-4 से बराबरी करने के बाद आखिरी कुछ सेकेंड में तेतियाना को मैट से बाहर निकाल कर दो अंक हासिल कर जीत दर्ज की। निशा को अब इंतजार करना होगा कि उन्हें रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करने का मौका मिलता है या नहीं। अगर पाक सोल गेम फाइनल में पहुंची तो निशा रेपेचेज दौर में जाएंगी।

(भाषा)

Shekhar Jha
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

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