Paris Olympics 2024, Manu Bhaker First Feaction: मनु भाकर स्वतंत्रता के बाद एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने सरबजोत सिंह के साथ पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम वर्ग में दक्षिण कोरिया को हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय जोड़ी ने कोरिया के ली वोन्हो और ओ ये जिन को 16 . 10 से हराकर देश को इस ओलंपिक में दूसरा पदक दिलाया । इससे पहले मनु ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य जीता था।
मनु को अभी 25 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी उतरना है और उनके पास तीसरा पदक जीतने का भी मौका है। सरबजोत 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत वर्ग में क्वालीफिकेशन में 577 के स्कोर के साथ नौवें स्थान पर रहे थे और फाइनल में जगह नहीं बना सके थे। मनु और सरबजोत ने क्वालीफिकेशन दौर में 580 स्कोर करके कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई थी।
मनु ने जीत के बाद कहा,‘मैं बहुत ही गर्व महसूस कर रही हूं। सभी को शुभकामनाओं के लिये धन्यवाद।’ उन्होंने कहा,‘हम विरोधी टीम के प्रदर्शन पर नियंत्रण नहीं कर सकते लेकिन अपना प्रदर्शन तो अपने साथ में है। मैंने और मेरे जोड़ीदार ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके अंत तक जुझारूपन नहीं छोड़ा।’ ब्रिटिश मूल के भारतीय खिलाड़ी नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर फर्राटा और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीते थे लेकिन वह उपलब्धि आजादी से पहले की थी।
अंबाला के निशानेबाज सरबजोत पर व्यक्तिगत वर्ग में नाकाम रहने के बाद अच्छे प्रदर्शन का काफी दबाव था। उन्होंने कहा,‘मुझे अच्छा लग रहा है। मुकाबला काफी कठिन था और काफी दबाव था।’ टोक्यो ओलंपिक में मनु पिस्टल में खराबी आने के कारण फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी थी, लेकिन यहां दो मेडल जीतकर उन्होंने हर जख्म पर मरहम लगा दिया।
भारत की शुरूआत खराब रही जब सरबजोत का पहला शॉट 8-6 रहा, लेकिन मनु ने 10-2 बनाया। कोरियाई जोड़ी ने कुल 20-5 स्कोर करके 2-0 की बढत बना ली। मिश्रित टीम वर्ग में पहले 16 अंक तक पहुंचने वाली टीम विजयी रहती है। पहला सेट हारने के बाद मनु ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिर्फ तीन बार 10 से कम स्कोर किया । इसके बाद से कोरियाई टीम के लिये वापसी करना मुश्किल हो गया था।
(भाष)
