Paris Olympics 2024: भारत के एकमात्र ओलंपिक पदक विजेता पुरुष मुक्केबाज विजेंदर सिंह को लगता है कि पेरिस ओलंपिक में देश की पदक की संभावनायें महिला मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर होंगी और उन्हें उम्मीद है कि निकहत जरीन की अगुआई वाली टीम कम से कम दो पोडियम स्थान हासिल करेगी।
जरीन (50 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लम्बोरिया (57 किग्रा) और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) भारतीय महिला टीम में शामिल हैं जबकि अमित पंघाल (51 किग्रा) और पदार्पण कर रहे निशांत देव (71 किग्रा) पेरिस के लिए क्वालीफाई करने वाले दो पुरुष मुक्केबाज हैं।
महिला पहलवानों से मेडल की उम्मीद- वीजेंदर
‘पीटीआई संपादकों’ के साथ यहां समाचार एजेंसी के मुख्यालय में बातचीत के दौरान 38 वर्षीय विजेंदर ने कहा कि उन्हें महिला मुक्केबाजों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।बीजिंग ओलंपिक 2008 के कांस्य पदक विजेता और भाजपा नेता विजेंदर ने कहा, ‘‘पुरुष मुक्केबाजों के बारे में मैं इतना ज्यादा नहीं जानता लेकिन मैंने महिला मुक्केबाजों के बारे में जो पढ़ा है, उससे उम्मीद जगती है कि लड़कियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी, मुझे उम्मीद है कि हमें एक या दो पदक मिलेंगे। यह रजत हो सकता है और शायद स्वर्ण पदक भी हो सकता है। ’’
उन्होंने कहा कि - 'ऐसा भी हो सकता है कि महिला मुक्केबाज अभी तक देश को मिले पदकों का रंग बदल दें।' विजेंदर के अलावा केवल दो अन्य भारतीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम (लंदन 2012) और बोरगोहेन (तोक्यो 2021) ही अभी तक ओलंपिक में कांस्य पदक जीत सकी हैं। लेकिन देश का कोई भी मुक्केबाज फाइनल में पहुंचकर स्वर्ण पदक का मुकाबला नहीं खेल पाया है।
(भाषा इनपुट्स के साथ)
