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Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक में महिला मुक्केबाज दिलाएगी मेडल, पूर्व चैंपियन विजेंदर सिंह ने जताई उम्मीद

Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 की शुरुआत 26 जुलाई से होने वाली है। इस मेगा टूर्नामेंट से पहले भारतीय पहलवान और ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह ने बड़ी भविष्यवाणी की है। उनके मुताबिक महिला मुक्केबाजों की टीम दो पदक जीत सकती है।

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वीजेंदर सिंह (फोटो- X)

Paris Olympics 2024: भारत के एकमात्र ओलंपिक पदक विजेता पुरुष मुक्केबाज विजेंदर सिंह को लगता है कि पेरिस ओलंपिक में देश की पदक की संभावनायें महिला मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर होंगी और उन्हें उम्मीद है कि निकहत जरीन की अगुआई वाली टीम कम से कम दो पोडियम स्थान हासिल करेगी।

जरीन (50 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लम्बोरिया (57 किग्रा) और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) भारतीय महिला टीम में शामिल हैं जबकि अमित पंघाल (51 किग्रा) और पदार्पण कर रहे निशांत देव (71 किग्रा) पेरिस के लिए क्वालीफाई करने वाले दो पुरुष मुक्केबाज हैं।

महिला पहलवानों से मेडल की उम्मीद- वीजेंदर

‘पीटीआई संपादकों’ के साथ यहां समाचार एजेंसी के मुख्यालय में बातचीत के दौरान 38 वर्षीय विजेंदर ने कहा कि उन्हें महिला मुक्केबाजों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।बीजिंग ओलंपिक 2008 के कांस्य पदक विजेता और भाजपा नेता विजेंदर ने कहा, ‘‘पुरुष मुक्केबाजों के बारे में मैं इतना ज्यादा नहीं जानता लेकिन मैंने महिला मुक्केबाजों के बारे में जो पढ़ा है, उससे उम्मीद जगती है कि लड़कियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी, मुझे उम्मीद है कि हमें एक या दो पदक मिलेंगे। यह रजत हो सकता है और शायद स्वर्ण पदक भी हो सकता है। ’’

उन्होंने कहा कि - 'ऐसा भी हो सकता है कि महिला मुक्केबाज अभी तक देश को मिले पदकों का रंग बदल दें।' विजेंदर के अलावा केवल दो अन्य भारतीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम (लंदन 2012) और बोरगोहेन (तोक्यो 2021) ही अभी तक ओलंपिक में कांस्य पदक जीत सकी हैं। लेकिन देश का कोई भी मुक्केबाज फाइनल में पहुंचकर स्वर्ण पदक का मुकाबला नहीं खेल पाया है।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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