पेरिस: विनेश फोगाट की अपील को सीएसए ने खारिज कर दिया है। उन्हें अब कोई मेडल नहीं दिया जाएगा। बुधवार को सीएसए ने अपना फैसला सुनाया। यह भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका है। माना जा रहा था कि फैसले में देरी विनेश के पक्ष में जा सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
विनेश फोगाट बनाम यूनाईटेड वर्ल्ड रेसलिंग और आईओसी मामले में कोर्ड ऑफ ऑर्बिटरेशन फॉर स्पोर्ट्स ने बुधवार 14 अगस्त, 2024 को दिए अपने फैसले में विनेश फोगाट की 7 अगस्त को की गई अपील को खारिज कर दिया है। सीएसए ने ये निर्णय क्यों लिया ये विस्तृत आदेश में बताया जाएगा। ये फैसला सीएसए की एकलौती मध्यस्थ माननीय एलाबेल बैनेट ने सुनाया है। 7 दिन तक मामले में फैसले की तारीफ लगातार बढ़ती गई। पहले फैसला 13 अगस्त को आना था लेकिन इसके बाद लगातार फैसले की तारीख बढ़ती गई।
फैसले पर आईओए ने जताई निराशा
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा ने CAS के एकमात्र मध्यस्थ द्वारा युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के खिलाफ पहलवान विनेश फोगट की याचिका खारिज करने के फैसले पर आश्चर्य और निराशा व्यक्त की है।
विनेश के साथ कब क्या हुआ (Vinesh Phogat case timeline)
विनेश को 7 अगस्त को अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जब उनका वजन 50 किलोग्राम की सीमा से 100 ग्राम अधिक था। अपने पहले मुकाबले की सुबह उनका वजन 49.9 किलोग्राम था और तीन मुकाबलों के बाद वे फाइनल में पहुंचीं। लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक उनका वजन 52.7 किलोग्राम हो गया। रात भर उन्होंने खूब मेहनत की और साइकिलिंग स्किपिंग के मदद से वजन को कम करने के लिए सबकुछ झौंक दिया, लेकिन वजन कराने की डेडलाइन तक उनका वजन 50.1 Kg था और उन्हें 100 ग्राम अधिक होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया।
संन्यास का किया ऐलान
अयोग्य ठहराए जाने के एक दिन बाद विनेश ने खेल से संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि उसके पास खेल जारी रखने की ताकत नहीं है। हालांकि दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ियों ने इस 29 वर्षीय पहलवान का समर्थन किया है जो अपने तीसरे ओलंपिक खेलों में भाग ले रही थी।
(डेवलपिंग स्टोरी)
