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Paris Olympics 2024: अश्विनी पोनप्पा का बड़ा आरोप, कहा- हमें ओलंपिक के लिए पसंदीदा कोच भी नहीं मिला

Paris Olympics 2024, Ashwini Ponnappa Statement: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा का पेरिस ओलंपिक में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। उनको हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही अश्विनी बिना मेडल के वापस आ गईं। अब उन्होंने कहा कि पेरिस ओलंपिक की तैयारी के लिए खेल मंत्रालय से बहुत कम या कोई व्यक्तिगत वित्तीय सहायता नहीं मिली। यहां तक ​​कि कोच के लिए उनके अनुरोध को भी खारिज कर दिया गया।

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सात्विक-चिराग के साथ अश्विनी पोनप्पा। (फोटो- Ashwini Ponnappa X)

Photo : Twitter

Paris Olympics 2024, Ashwini Ponnappa Statement: भारतीय युगल बैडमिंटन विशेषज्ञ अश्विनी पोनप्पा ने कहा कि उन्हें पेरिस ओलंपिक की तैयारी के लिए खेल मंत्रालय से बहुत कम या कोई व्यक्तिगत वित्तीय सहायता नहीं मिली और यहां तक कि कोच के लिए उनके अनुरोध को भी खारिज कर दिया गया। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) एक दस्तावेज़ लेकर आया है, जिसमें पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ी को प्रदान की गई वित्तीय सहायता का विवरण दिया गया है।

इस दस्तावेज के अनुसार अश्विनी को टॉप्स (लक्ष्य ओलंपिक पोडियम कार्यक्रम) के अंतर्गत 4,50,000 रुपये तथा अभ्यास और प्रतियोगिता (एसीटीसी) के वार्षिक कैलेंडर के तहत 1,48,04,080 रुपये प्रदान किए गए थे। अश्विनी ने पीटीआई से कहा,‘‘मैं वास्तव में बहुत हैरान हूं। मुझे पैसे नहीं मिलने पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन देश को यह बताना कि मैंने पैसे लिए थे, हास्यास्पद है। मुझे पैसे नहीं मिले थे। अगर आप राष्ट्रीय शिविर की बात कर रहे हैं तो उसने भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों पर 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।’

उन्होंने कहा,‘‘मेरे पास अपनी पसंद का कोच भी नहीं था। जहां तक मेरे निजी ट्रेनर की बात है तो मैंने उसका खर्चा स्वयं उठाया। मैंने किसी से पैसा नहीं लिया। मैं नवंबर 2023 तक अपने खर्चे पर खेलती रही। जब हमने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर दिया तभी मुझे टॉप्स में शामिल किया गया।’’ भारत की शीर्ष युगल खिलाड़ी 34 वर्षीय अश्विनी ने राष्ट्रमंडल खेल 2010, 2014 और 2018 में क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीता था। उन्होंने ज्वाला गुट्टा के साथ जोड़ी बनाकर लंदन और रियो ओलंपिक में भाग लिया था।

साइ के एक सूत्र ने 1.48 करोड़ रुपये के खर्च का विवरण देते हुए बताया,‘‘यह धनराशि उन सभी प्रतियोगिताओं में यात्रा, रहने, भोजन, प्रतियोगिता शुल्क आदि पर खर्च की गई जिनमें उन्होंने ओलंपिक से पहले भाग लिया था। यह धनराशि भारतीय बैडमिंटन संघ को एसीटीसी के तहत दी गई थी।’’ अगस्त, 2022 तक एन सिक्की रेड्डी के साथ जोड़ी बनाने वाली अश्विनी ने उसी साल दिसंबर में तनीषा क्रैस्टो के साथ जोड़ी बनाई। इस जोड़ी ने जनवरी 2023 से अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलना शुरू किया। कुछ टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन के दम पर यह जोड़ी ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल रही।

अश्विनी ने कहा, ‘‘मंत्रालय ने हमेशा मेरा समर्थन किया है। मैं वर्षों से टीम का हिस्सा हूं और मुझे जो समर्थन मिला है, उसके लिए मैं आभारी हूं।’’ उन्होंने कहा,‘‘पिछले साल मुझे कोई सहयोग नहीं मिला और यह ठीक है। आप यह नहीं कह सकते कि मुझे 1.5 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अगर इतनी धनराशि चार साल से अधिक समय के लिए है तो फिर भी ठीक है क्योंकि तब मैं सिक्की के साथ जोड़ी बनाकर खेल रही थी और टॉप्स का हिस्सा थी।’’

अश्विनी और तनीषा की जोड़ी पेरिस ओलंपिक में एक भी मैच नहीं जीत पाई और ग्रुप चरण से बाहर हो गई। अश्विनी ने कहा,‘‘हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और मैं इसकी जिम्मेदारी लेती हूं लेकिन आप यह नहीं कह सकते कि मुझे यह राशि मिल रही है जबकि मुझे यह राशि मिली ही नहीं।’

(भाषा)

Shekhar Jha
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

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