स्पोर्ट्स

पैरा एथलीट मेलानी वुड्स को मिला डेविड डिक्सन अवार्ड, आसाधारण प्रदर्शन और खेल भावना के लिए मिला सम्मान

ग्लासगो में 11 दिन तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया है। रविवार रात को ओवो हाइड्रो एरिना में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम की परफॉर्मेंस से क्लोजिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई। उसके बाद कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुका ने 2030 गेम्स के मेजबान भारत को मशाल सौंपी। यहां नीरज चोपड़ा, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी मौजूद रहे। आखिर में शंकर महादेवन, मानुषी छिल्लर, सितार वादक ऋषभ रिखीराम और भूमि त्रिवेदी जैस भारतीय कलाकारों ने इंडियन ट्रेडिशन में गेम्स का स्वागत किया।

Image

वुड्स को मिला डेविड डिक्सन अवार्ड। फोटो- सोशल मीडिया

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। दो बार की कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट मेलानी वुड्स को रविवार, 2 अगस्त को ग्लासगो गेम्स के क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान डेविड डिक्सन फेयरप्ले अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। अगस्त 1994 में जन्मी वुड्स एक स्कॉटिश टीचर और व्हीलचेयर रेसर हैं, जिन्होंने टोक्यो में पोस्टपोन हुए 2020 समर पैरालिंपिक और ग्लासगो में 2026 CWG में अपने देश को रिप्रेजेंट किया था।

वुड्स को यह अवॉर्ड उनके गेम्स में आसाधारण प्रदर्शन और खेल भावना के लिए दिया गया। वुड्स ने महिलाओं T54 1500 मीटर रेस जीत ली थी, लेकिन रनर्स के क्रैश होने के कारण उन्होंने रेस फिर से कराने की मांग की और दोबारा रिकॉर्ड टाइम के साथ गोल्ड जीता। वुड्स को छोटी उम्र से ही साइकिलिंग, फिटनेस और घुड़सवारी में दिलचस्पी हो गई थी। वह 2018 में एक जिंदगी बदलने वाले एक्सीडेंट के बाद सुर्खियों में आईं, जब इनवर्नेस में साइकिल चलाते समय एक कार उनसे टकरा गई थी।

एक्सीडेंट ने बदल दी कहानी

उस समय वुड्स ग्लासगो में PE टीचर के तौर पर काम कर रही थीं। जब एम्बुलेंस आई, तो वुड्स औंधे मुंह लेटी हुई थीं और उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने अपने शरीर के निचले हिस्से पर कंट्रोल खो दिया है। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसमें पेल्विस और पीठ का फ्रैक्चर भी शामिल था, जबकि उनका एक पैर तीन जगह से टूट गया था और स्किन भी नहीं थी।

कई खेलों में लिया हिस्सा

वुड्स कमर से नीचे पैरालाइज्ड हो गई थीं और उन्होंने ग्लासगो के क्वीन एलिजाबेथ यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की स्पाइनल यूनिट में ठीक होने के लिए समय बिताया। ठीक होने के दौरान, उन्होंने पैरालंपिक गेम्स देखे, जिससे उन्हें एक नया लक्ष्य पाने की प्रेरणा मिली। ठीक होने के बाद उन्होंने व्हीलचेयर रेसिंग में हिस्सा लेना शुरू किया।

रेसिंग में बनाया करियर

पैरालिंपियन्स के डेडिकेशन और पक्के इरादे से प्रेरित होकर, वुड्स ने व्हीलचेयर टेनिस और स्विमिंग सहित कई स्पोर्ट्स में हिस्सा लिया और स्कीइंग के लिए विदेश भी गए। लेकिन वुड्स को व्हीलचेयर रेसिंग में अपना मकसद मिला। वह ग्लासगो के रेड स्टार एथलेटिक्स क्लब में शामिल हो गईं, जहां वह रोज अपने कोच और साथी व्हीलचेयर रेसर सैमी किंगहॉर्न के साथ ट्रेनिंग करती हैं।

कॉमनवेल्थ में जीते दो गोल्ड मेडल

वुड्स ने 2019 में इंटर-स्पाइनल यूनिट गेम्स में अपना कॉम्पिटिटिव डेब्यू किया। वुड्स ने बाद में पोलैंड में 2021 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स यूरोपियन चैंपियनशिप में स्कॉटलैंड को रिप्रेजेंट किया। पिछले साल नई दिल्ली में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में वुड्स ने 800m T54 और 1500m T54 में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। उन्होंने CWG 2026 में इन्हीं इवेंट्स में दो गोल्ड मेडल जीते।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article