एशियन गेम्स 2026 का आधिकारिक तौर पर आगाज हो गया है। 19 सितंबर से शुरू हुए इस कार्यक्रम में 45 देशों ने परेड किया। 16 दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 11,000 खिलाड़ी और ओलंपिक परिषद एशिया की शरणार्थी टीम हिस्सा ले रही है। इस दौरान खिलाड़ी 43 स्पर्धाओं में 469 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे।
खिलाड़ियों की परेड की शुरुआत अफगानिस्तान के दल से हुई जबकि महाद्वीप की खेल महाशक्ति माने जाने वाले चीन ने 800 से अधिक खिलाड़ियों के बड़े दल के साथ सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
भारत के 501 सदस्यीय दल की अगुआई ओलंपिक मेडल विनर मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सेहरावत ने की। दोनों ने पारंपरिक गहरे नीले (नेवी ब्लू) रंग की पोशाक पहनी हुई थी। गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को समय पर समारोह की किट नहीं मिलने के कारण सहरावत को ध्वजवाहक बनाया गया।
दो घंटे तक चले उद्घाटन समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो, महारानी मासाको, एशियाई खेलों के अध्यक्ष युवराज अकिशिनो और राजकुमारी किको के साथ एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी उपस्थित थे।
भारत ने 2023 में हांग्झोउ एशियाई खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारतीय दल ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था।
16 दिन तक चलने वाले इस एशियन गेम्स में 45 देशों के करीब 11,000 एथलीट 43 अलग-अलग खेलों में अपना भाग्य आजमाएंगे। इस दौरान 469 गोल्ड मेडल दांव पर होंगे। भारतीय दल अपना पिछला 28 गोल्ड का रिकॉर्ड तोड़ना चाहेगी।
दो घंटे तक चले इस रंगारंग कार्यक्रम में जापान के कल्चर और पारंपरिक नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। हालांकि, उम्मीद से हटके ओपनिंग सेरेमनी में लोगों की उपलब्धि कम थी।