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एक साल बाद मीराबाई का गोल्डन कमबैक, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में जीता गोल्ड मेडल

एक साल के लंबे इंतजार के बाद एक्शन में दिखी मीराबाई चानू ने साबित कर दिया कि उनकी उपस्थिति मेडल की गारंटी है। उन्होंने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर दिखा दिया कि आने वाले इवेंट के लिए उनकी तैयारी कितनी जबरदस्त है।

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मीराबाई चानू (साभार-X)

एक साल के लंबे अंतराल के बाद वापसी करने वाली मीराबाई चानू ने अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए सोमवार को यहां राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में नए रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने महिलाओं के 48 किग्रा वजन वर्ग में कुल 193 किग्रा (84 किग्रा + 109 किग्रा) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में कुल, स्नैच और क्लीन एंड जर्क के रिकॉर्ड तोड़कर पहला स्थान हासिल किया। कुल वजन में उन्होंने पिछले रिकॉर्ड से 14 किग्रा अधिक भार उठाया। राष्ट्रीय खेलों के चैंपियन ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में 271 किग्रा (120 किग्रा + 151 किग्रा) के कुल प्रयास के साथ दिन का दूसरा स्वर्ण पदक जीता।

मीराबाई ने पिछले साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता में भाग लिया। पेरिस ओलंपिक में वह चौथे स्थान पर रही थी। चोटिल होने के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद इस 37 वर्षीय खिलाड़ी को लय हासिल करने में समय लगा। मीराबाई ने कहा, ‘‘मैं यहां स्वर्ण पदक जीतकर सचमुच बहुत खुश हूं, क्योंकि ओलंपिक के बाद यह मेरा पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है और वह भी 48 किलोग्राम वर्ग में। मुझे संदेह था कि क्या मैं इस भार वर्ग में वैसा ही प्रदर्शन कर पाऊंगी जैसा मैंने किया था। इस जीत से मेरा अक्टूबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए मनोबल बढ़ेगा। ’’

स्नैच में 84 किग्रा के अपने पहले प्रयास में वह लड़खड़ा गईं। उनके दाहिने घुटने में तकलीफ़ दिखाई दी, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने उतना ही वज़न उठाया। 89 किग्रा का उनका तीसरा प्रयास भी असफल रहा। कोई वास्तविक प्रतिस्पर्धा न होने के कारण मीराबाई असल में खुद से ही मुकाबला कर रही थीं। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 105 किग्रा भार उठाकर शुरुआत की। उन्होंने इसे बढ़ाकर 109 किग्रा कर लिया, लेकिन 113 किग्रा का अपना अंतिम प्रयास पूरा नहीं कर सकीं।

मलेशिया की इरीन हेनरी ने 161 किग्रा (73 किग्रा + 88 किग्रा) वजन उठाकर रजत पदक, जबकि वेल्स की निकोल रॉबर्ट्स ने 150 किग्रा (70 किग्रा + 80 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। मीराबाई ने इस तरह से 48 किग्रा में सफल वापसी की। उन्होंने इसी वजन वर्ग में अपना विश्व चैम्पियनशिप खिताब और राष्ट्रमंडल खेलों में दो पदक जीते लेकिन 2018 के बाद वह 49 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश कर रही थी। सौम्या दलवी ने जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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