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सैनिक के बेटे जसपाल राणा ने सालों किया था देश का नाम रोशन, निशानेबाजी में कितनी उपलब्धियां, यहां देखिए

Jaspal Rana Achievements: भारत के पूर्व निशानेबाज व कोच जसपाल राणा ने भारतीय निशानेबाजी को उस स्तर तक पहुंचाया जिसके बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था। उस जमाने में जब वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत को निशानेबाजी में मेडल मिलने की किल्लत रहती थी, तब जसपाल ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की थीं।

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जसपाल राणा की उपलब्धियां (NRAI)

Jaspal Rana Achievements: आज भारत ने एक अपना एक ऐसा चेहरा खो दिया है जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा। निशानेबाजी में भारत के सबसे बड़े चेहरे के रूप में प्रसिद्ध रहे जसपाल राणा का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। कुछ ही दिन पहले उनकी सर्जरी हुई थी, लेकिन किसी से नहीं सोचा था कि वो ऐसे सबका साथ छोड़ देंगे। वो युवा भारतीय निशानेबाज मनु भाकर के कोच भी थे। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्मे एक सैनिक के बेटे ने अपनी मेहनत के दम पर निशानेबाजी में वो उपलब्धियां हासिल की जो सदियों तक याद रखी जाएंगी।

जसपाल राणा ने उत्तरकाशी के एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े जहां निशानेबाजी खून में था। उनके पिता एक सैनिक थे जो 1971 युद्ध भी लड़े। पिता को भी निशानेबाजी में बहुत दिलचस्पी थी और बाद में वही उनके पहले कोच भी बने। घर में भाई-बहन भी निशानेबाज थे लेकिन सबसे ज्यादा नाम जसपाल ने कमाया और बुलंदियों को छुआ। एक नजर डालते हैं जसपाल राणा की सफलताओं पर।

विश्व जूनियर चैंपियनशिप

1994 मिलान (इटली) वर्ल्ड जूनियर निशानेबाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल

एशियन गेम्स के मेडल

- 1994 एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल

- 2006 दोहा एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर पिस्टल इवेंट गोल्ड

- 2006 दोहा एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर पिस्टल टीम इवेंट में गोल्ड

- 2006 दोहा एशियन गेम्स में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल इवेंट में गोल्ड

- 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में सिल्वर मेडल

- 2006 दोहा एशियन गेम्स में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल टीम इवेंट में सिल्वर

- 1994 हिरोशिमा एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल

- 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल टीम इवेंट में कांस्य पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल

गोल्ड मेडल- 1994 विक्टोरिया 25m सेंटर फायर पिस्टल

गोल्ड मेडल – 1994 विक्टोरिया 25m सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स

गोल्ड मेडल – 1998 कुआलालंपुर 25m सेंटर फायर पिस्टल

गोल्ड मेडल – 1998 कुआलालंपुर 25m सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स

गोल्ड मेडल – 2002 मैनचेस्टर 25m सेंटर फायर पिस्टल

गोल्ड मेडल – 2002 मैनचेस्टर 25m सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स

गोल्ड मेडल – 2002 मैनचेस्टर 25m स्टैंडर्ड पिस्टल

गोल्ड मेडल – 2002 मैनचेस्टर 25m स्टैंडर्ड पिस्टल पेयर्स

गोल्ड मेडल – 2006 मेलबर्न 25m सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स

सिल्वर मेडल – 1994 विक्टोरिया 10m एयर पिस्टल

सिल्वर मेडल – 1998 कुआलालंपुर 10m एयर पिस्टल

सिल्वर मेडल – 1998 कुआलालंपुर 10m एयर पिस्टल पेयर्स

सिल्वर मेडल – 2002 मैनचेस्टर 10m एयर पिस्टल पेयर्स

ब्रॉन्ज़ मेडल – 1994 विक्टोरिया 10m एयर पिस्टल पेयर्स

ब्रॉन्ज़ मेडल – 2002 मैनचेस्टर 10m एयर पिस्टल

एशियाई चैंपियनशिप की सफलताएं

- 1995 जकार्ता एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल

- 2000 लांग्कावी एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक

पुरस्कार और सम्मान

- 1994 में जब जसपाल सिर्फ 18 साल के थे तब उनको अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

- 1997 में जसपाल राणा को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

- कोचिंग में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए 2020 में उन्हें द्रोणाचार्य अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया। इत्तेफाक से उसी साल उनके दो शिष्य मनु भाकर और सौरभ चौधरी को भी अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

- साल 2025 में जसपाल राणा को उत्तराखंड गौरव सम्मान से पुरस्कृत किया गया।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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