बिंदिया रानी देवी ने वेटलिफ्टिंग में भारत को 5वां मेडल दिया दिया है। पहली बार 58 किलोग्राम भारवर्ग में खेल रही बिंदिया ने निराश नहीं किया और कॉमनवेल्थ गेम्स में बैक टू बैक मेडल जीता। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम (स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 112) भार उठाकर अपना ब्रोंज मेडल पक्का किया। बर्मिंघम में उन्होंने सिल्वर मेंडल जीता था। 58 किलोग्रम भारवर्ग की आकर्षण रहीं नाइजीरिया के रफियातु लवाल जिन्होंने कुल 229 किलोग्राम (स्नैच में 103 और क्लीन एंड जर्क में 126) भार उठाया। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया। सिल्वर मेडल कनाडा की सोफी ताशीचीरु ने जीता जिन्होंने कुल 215 किलोग्राम (स्नैच में 94 और क्लीन एंड जर्क में 121)का भार उठाया।
बिंदिया देवी रानी ने स्नैच के अपने पहले प्रयास में 83 किलोग्राम, दूसरे प्रयास में 85 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 87 किलोग्राम का भार उठाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहला सफल प्रयास 110 किलोग्राम का लिया, जो नो लिफ्ट घोषित किया गया। पहले उन्होंने खुद को 113 किलोग्राम पर रजिस्टर किया था, जिसे बाद में रिवाइज करके 110kg किया गया। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 112 किलोग्राम भार सफलतापूर्वक उठाया। उनका तीसरा प्रयास 116 किलोग्राम था जो असफल रहा।
बिंदिया रानी देवी का यह कॉमनवेल्थ गेम्स का दूसरा मेडल है। इससे पहले 2022 बर्मिंघम में उन्होंने 55 किलोग्राम भार वर्ग में गेम्स रिकॉर्ड तोड़कर 202 किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया था।
