Asian Games 2026: भारतीय स्क्वाश स्टार अभय सिंह एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बाद भी संतुष्ट नहीं हैं। एयरपोर्ट पर जब वह लौटे तो न कोई माला थी, न बैंड-बाजा और न शोर-शराबा। वह चुपचाप बाहर निकले। अभय सिंह के गले में पुरुष एकल का रजत पदक और टीम स्पर्धा का कांस्य पदक था, लेकिन चेहरे पर निराशा साफ दिख रही थी। अभय ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम विपक्षी की क्षमता को देखते हुए समझ में आता है। लेकिन मैं टीम स्पर्धा के नतीजे से काफी निराश हूं।" भारतीय पुरुष टीम पिछले एशियन गेम्स की चैंपियन थी। इस बार सेमीफाइनल में हार के साथ कांस्य से संतोष करना पड़ा।
गोल्ड ना जीतने से दुखी हैं अभय
अभय का मानना है कि भारत के पास गोल्ड मेडल डिफेंड करने की पूरी ताकत थी। उन्होंने कहा, "मुझे सच में लगता है कि हमारे पास स्वर्ण जीतने की गहराई और गुणवत्ता थी, लेकिन खेल इसी तरह नहीं चलता। उम्मीद है हम अगली बार और मजबूत वापसी करेंगे।" 28 साल के अभय सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश में पदक जीतने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष बने। लेकिन यह रिकॉर्ड उन्हें ज्यादा सुकून नहीं दे रहा।
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पहली बार ओलंपिक में दिखेगा स्क्वाश
अभय ने कहा "इस उपलब्धि को हासिल करने वाला केवल दूसरा भारतीय होना अभी मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि यह अब भी रजत पदक है। जब तक मैं स्वर्ण नहीं जीतता तब तक काम अधूरा है। भारत ने इस स्पर्धा में अब तक स्वर्ण नहीं जीता है और उम्मीद है अगली बार इसमें बदलाव आएगा।" अब भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों का फोकस 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर है, जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक में शामिल होगा। अभय फिलहाल भारतीय रैंकिंग में टॉप पर हैं और इसी लय को बरकरार रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "अब टीम अलग-अलग हो जाएगी और हम ओलंपिक क्वालीफिकेशन के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। मैं अपनी टीम के साथ बैठकर तय करूंगा कि आगे किन टूर्नामेंट्स पर ध्यान देना है।"
