स्पोर्ट्स

भारत की नई स्क्वैश सनसनी बनीं अनाहत सिंह, वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद बोलीं- नहीं हो रहा यकीन

Anahat Singh World Junior Squash Champion: विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं अनाहत सिंह ने कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है, लग रहा है जैसे वह सपना देख रही हूैं।

Image

अनाहत सिंह (फोटो साभार- anahatsingh13)

Anahat Singh World Junior Squash Champion: भारत की नंबर एक महिला स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया है। 17 साल की अनाहत विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। ओंटारियो में खेले गए फाइनल में उन्होंने मिस्र की टॉप खिलाड़ी रुकय्या सलेम को सीधे सेटों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर देश का नाम रोशन किया। वर्ल्ड रैंकिंग में 20वें नंबर की अनाहत के लिए यह जीत बेहद खास है। खिताब जीतने के बाद भावुक अनाहत ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा, लग रहा है जैसे सपना देख रही हूं।”

चार साल से हार रही थीं सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल

दिल्ली की इस युवा खिलाड़ी का जूनियर विश्व चैंपियनशिप से पुराना नाता रहा है। पिछले चार साल से वह सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो जाती थीं। अनाहत ने खुद बताया, “मैं हमेशा कहती थी कि यह टूर्नामेंट मेरे लिए अभिशाप है। मैं इसमें कभी अच्छा नहीं कर पाती थी।” लेकिन इस बार उन्होंने न सिर्फ उस 'अभिशाप' को तोड़ा, बल्कि गोल्ड मेडल के साथ वापसी की।यह जीत और भी अहम है क्योंकि यह अनाहत का जूनियर सर्किट में आखिरी साल था। उन्होंने कहा, “जूनियर स्तर पर यह मेरा आखिरी मौका था और मैं इसे किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती थी। इसलिए मैंने हर मैच में अपना 100% दिया।”

फाइनल से पहले क्या अपनाई थी रणनीति

फाइनल में उतरने से पहले अनाहत ने खुद पर दबाव नहीं लिया। उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं टेंशन लूंगी तो अच्छा नहीं खेल पाऊंगी। इसलिए मैंने कोर्ट पर जाकर हर पल को एंजॉय किया और खुलकर शॉट खेले। मैं विश्व चैंपियनशिप फाइनल के हर लम्हे को जीना चाहती थी।” इसी आत्मविश्वास के साथ उन्होंने मिस्र की खिलाड़ी को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया।अनाहत की इस ऐतिहासिक जीत पर भारतीय स्क्वाश रैकेट्स महासंघ SRFI ने भी गर्व जताया। SRFI के महासचिव साइरस पोंचा ने इसे “भारतीय स्क्वाश के लिए ऐतिहासिक क्षण” बताया। उन्होंने कहा, “हमारे संरक्षक दिवंगत एन रामचंद्रन का सपना था कि भारत एकल में विश्व चैंपियन बनाए। हमने डबल्स में यह किया था, लेकिन अब अनाहत ने सिंगल्स में भी वह सपना सच कर दिया।”

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

और पढ़ें
End of Article