BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता को लेकर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। समाचार एजेंसी एएनआई के सवाल के जवाब में रामफोसा ने कहा कि भारत ने न सिर्फ बेहद अच्छी तरह से समिट का आयोजन किया, बल्कि पूरे प्रक्रिया के दौरान प्रभावी नेतृत्व भी दिया। रामफोसा ने कहा कि किसी भी शिखर सम्मेलन का आयोजन आसान नहीं होता और इस दौरान कई चीजें गलत हो सकती हैं, लेकिन भारत में ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत को बधाई दी जानी चाहिए।
‘भारत था फोकल प्वाइंट और लीडिंग लाइट’
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब कोई देश ब्रिक्स जैसे शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है, तो उसके हाथ में नेतृत्व की जिम्मेदारी होती है। मेजबान देश चर्चाओं को दिशा देता है और सभी देशों को किसी फैसले तक पहुंचने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि हालांकि सभी देशों को सहयोग करते हुए सर्वसम्मति बनानी होती है, लेकिन इसके लिए एक ‘फोकल प्वाइंट’ जरूरी होता है और इस पूरी प्रक्रिया में भारत वही फोकल प्वाइंट और ‘लीडिंग लाइट’ था। रामफोसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों की टीम की भी सराहना की।
PM मोदी से मुलाकात में किन मुद्दों पर हुई बात?
रामफोसा ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को विशेष और रणनीतिक साझेदारी के तौर पर आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को अगले साल दक्षिण अफ्रीका आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने इच्छा जताई कि अगर संभव हो तो मोदी नेल्सन मंडेला की जयंती के मौके पर दक्षिण अफ्रीका आएं, ताकि दोनों देश मिलकर इस महान नेता को याद कर सकें।
गांधी-मंडेला स्कॉलरशिप और व्यापार पर भी चर्चा
बैठक में गांधी-मंडेला स्कॉलरशिप को लेकर भी चर्चा हुई। रामफोसा ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका इन दोनों महान नेताओं की विरासत से जुड़े कार्यक्रमों को और आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के मुद्दे पर भी बातचीत हुई।
भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी की भी तारीफ
रामफोसा ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की दुनिया में भारत चीन के साथ नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दक्षिण अफ्रीका भारत से काफी कुछ सीख सकता है।
