कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से शुक्रवार देर रात संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने संन्यास का ऐलान करते हुए अपने ट्वीट में कहा, सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं। शमी ने टीम इंडिया के लिए करियर में 64 टेस्ट खेले और इस दौरान 122 पारी में 27.71 के औसत से 229 विकेट अपने नाम किए। शमी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 56 रन देकर 6 विकेट रहा। मैच में उन्होंने 118 रन देकर 9 विकेट अपने नाम किए जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्होंने पारी में 6 बार पांच या उससे ज्यादा विकेट अपने नाम किए।
रोहित शर्मा के साथ की थी टेस्ट करियर की शुरुआत
6 नवंबर, 2013 को एमएस धोनी की कप्तानी में कोलकाता के इडेन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ रोहित शर्मा के साथ उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। साल 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में वो आखिरी बार टेस्ट जर्सी पहनकर भारत के लिए खेलते नजर आए। घुटने की चोट ने लंबे फॉर्मेट से उन्हें दूर कर दिया। हालांकि वो पिछले तीन साल से घरेलू क्रिकेट में बड़े फॉर्मेट में खेलते हुए टेस्ट टीम में वापसी की बाट जोह रहे थे लेकिन उनका ये अरमान पूरा नहीं हो सका।
भारी दिल और खूबसूरत यादों के साथ ले रहा हूं टेस्ट से रिटायरमेंट
शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के ऐलान वाले संदेश में कहा, सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं..., जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब सिर्फ एक सपना था ,अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का.. उसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ ना कुछ सिखाया। टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक प्रारूप नहीं, मेरी जिंदगी का एक बेहद खास हिस्सा रहा है। आज भारी दिल और खूबसूरत यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर रहा हूं। इस सफर में मेरा साथ देने वाले हर टीम के साथी, कोच, परिवार और उन करोड़ों भारतीयों का दिल से शुक्रिया, जिनके अच्छे और मुश्किल दोनो वक्त में मुझ पर भरोसा बनाया रखा..
मेरे दिल में हमेशा जिंदा रहेगा भारत के लिए खेलने का गर्व
बीसीसीआई और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) का भी दिल से शुक्रिया, जिन्होंने मेरे टैलेंट पर भरोसा किया, मुझे आगे बढ़ने के मौके दिए और मेरे क्रिकेट के सफर में एक अहम भूमिका निभाई। आपका साथ और विश्वास मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मैदान पर मेरी आखिरी टेस्ट बॉल भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेगा। शुक्रिया, टेस्ट क्रिकेट।
