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शर्मनाकः डोप उल्लंघन करने वालों देशों में भारत सबसे आगे, AIU की जून 2026 लिस्ट में शीर्ष पर बरकरार

India Ranks On Top In AIU Doping Violation List: एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट की डोपिंग उल्लंघन करने वालों की वैश्विक सूची में भारत शीर्ष पर बना हुआ है। यह एक बार फिर उस बड़ी समस्या को दिखाता है जो देश के खेल जगत को प्रभावित कर रही है।

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भारत एआईयू की जून 2026 सूची में शीर्ष पर बरकरार (AI Generated Image)

एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (एआईयू) की डोपिंग उल्लंघन करने वालों की वैश्विक सूची में भारत 162 नाम के साथ सबसे ऊपर बना हुआ है। यह एक बार फिर उस बड़ी समस्या को दिखाता है जो देश के खेल जगत को प्रभावित कर रही है। इस सूची में कीनिया 148 नाम के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि तीसरे स्थान पर रूस है जहां 60 से अधिक मामले मिले हैं।

इस सूची में डोपिंग उल्लंघन के लिए प्रतिबंध झेल रहे लोग शामिल हैं। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने डोपिंग के अलावा अन्य उल्लंघन किए हैं जैसे कि नमूने से छेड़छाड़, परीक्षण से बचना, तस्करी या अपने रहने के स्थान की जानकारी नहीं देना। इन उल्लंघनों के लिए भी डोपिंग उल्लंघन जैसी ही सजी मिलती है।

विश्व एथलेटिक्स द्वारा स्थापित एआईयू एक स्वतंत्र डोपिंग रोधी निगरानी संस्था है। इसका अधिकार क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों और उनके सहयोगी स्टाफ पर है। पिछले दो वर्षों से डोपिंग उल्लंघन करने वालों की सूची में सबसे ऊपर रहने के कारण विश्व एथलेटिक्स ने अप्रैल में भारत को डोपिंग के ’बहुत अधिक’ जोखिम वाले देश के रूप में भी चिह्नित किया था।

एआईयू बोर्ड के हालिया फैसले में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को विश्व एथलेटिक्स के डोपिंग रोधी नियमों के नियम 15 के तहत वर्ग बी से वर्ग ए में फिर से वर्गीकृत किया गया। एआईयू अध्यक्ष डेविड हाउमैन ने एक बयान में कहा था, "दुर्भाग्य से घरेलू डोपिंग रोधी कार्यक्रम की गुणवत्ता डोपिंग के जोखिम के अनुपात में नहीं है।"

वर्ष 2022 और 2025 के बीच एथलेटिक्स में सबसे अधिक डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन (एडीआरवी) के मामले में भारत शीर्ष दो देशों में शामिल रहा है। एआईयू के अनुसार भारत में 2022 में 48 एडीआरवी (दूसरा स्थान), 2023 में 63 (दूसरा स्थान), 2024 में 71 (पहला स्थान) और 2025 में 30 एडीआरवी (पहला स्थान) दर्ज किए गए।

विश्व एथलेटिक्स के डोपिंग रोधी नियमों के तहत एआईयू बोर्ड सभी सदस्य संघों को डोपिंग जोखिम के आधार पर वर्गीकृत करता है। श्रेणी ’ए’ के सदस्य संघों पर अधिक सख्त नियम लागू होते हैं क्योंकि वे सबसे अधिक जोखिम वाले हैं। इसमें उनकी राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के व्यापक परीक्षण भी शामिल है।

श्रेणी बी के सदस्य संघ मध्यम डोपिंग जोखिम वाले होते हैं जबकि श्रेणी सी के सदस्य संघ कम डोपिंग जोखिम वाले होते हैं। हर तीन साल बाद एआईयू बोर्ड एथलीटों और एथलीटों के सहायक कर्मियों के डोपिंग इतिहास और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सदस्य संघ की श्रेणी तय करता है।

हालांकि एआईयू तीन साल के दौरान किसी भी समय सदस्य संघ की तय की गई श्रेणी को बदल सकता है।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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