स्पोर्ट्स

Asian Games 2026: अंतिम दौर में भारत की दमदार वापसी, चौथे पायदान पर रहते हुए खत्म कर सकता है अभियान

भारतीय दल ने 20वें एशियाई खेलों में खराब शुरुआत के बाद धमाकेदार वापसी की है और उसके आइची-नागोया में चौथे पायदान पर रहते हुए अभियान का अंत करने की उम्मीद है। ऐसा रहा भारत का एशियाई खेल 2026 में प्रदर्शन?

Image

एशियन गेम्स 2026 (फोटो क्रेडिट AI Generated)

नागोया: निशानेबाजी और एथलेटिक्स में मिली निराशा से उबरते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती और हॉकी में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी जिससे एशियाई खेलों में खराब शुरुआत के बावजूद भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया। हांग्झोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में भी भारत इसी पायदान पर था लेकिन तब पदकों की संख्या इस बार से काफी ज्यादा थी।

85 पदक के साथ अभियान खत्म करेगा भारत

एशियाई खेलों का पहला सप्ताह भारत के लिए निराशाजनक रहा। चीन में सात स्वर्ण पदक जीतने वाले निशानेबाज इस बार व्यक्तिगत राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीत सके। भारत एशियाई खेलों का अभियान 21 स्वर्ण सहित 85 पदकों के साथ समाप्त करने की स्थिति में है। 2023 में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे। भारत तब भी चौथे स्थान पर ही था। इस बार का प्रदर्शन भारत के लिए सम्मानजनक चौथा स्थान हासिल करने के लिए पर्याप्त हो सकता है। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया उससे काफी आगे हैं। चीन तो पदक तालिका में अलग ही स्तर पर है।

गुलवीर सिंह ने जीते एथलेटिक्स में तीन पदक

एथलेटिक्स में कुछ शानदार प्रदर्शन देखने को मिले जिसमें लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने तीन पदक जीते, लेकिन भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या हांग्झोउ में जीते गए छह स्वर्ण से घटकर इस बार केवल एक रह गई। इसके चलते भारत एक समय पदक तालिका में शीर्ष 10 से बाहर बना हुआ था।

नीरू ढांडा ने कराई स्वर्णिम सफर की शुरुआत

शुरुआती 10 दिनों की निराशा के बाद हालांकि भारतीय दल के लिए अप्रत्याशित खुशियों का दौर आया। भारतीय खेमे में सबसे बड़ी खुशियों में से एक निशानेबाज नीरू ढांडा ने दी। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा। नीरू की खुशी तब दोगुनी हो गई, जब उन्होंने काइनान चेनाई के साथ मिलकर ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता।

तीरंदाजों ने गोल्ड पर लगाया निशाना

एशियाई खेलों में कंपाउंड तीरंदाजी भारत के लिए हमेशा पदकों की झड़ी लगाती रही है, लेकिन इस बार रिकर्व तीरंदाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। महिला रिकर्व टीम ने मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को और यादगार बना दिया।

मुक्केबाजों ने जड़े गोल्डन पंच

स्वर्ण पदकों की बात करें तो मुक्केबाजी में भी भारत ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम, परवीन ने महिलाओं के 65 किलोग्राम और अंकुश ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। हांगझोउ में कुश्ती में एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने वाले भारत ने इस बार प्रतियोगिता के अंतिम दौर में अमन सहरावत (पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा) और सुजीत कलकल (पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा) के जरिए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

पदक तालिका में उजबेकिस्तान की बराबरी पर है भारत

शनिवार के प्रदर्शन के बाद भारत स्वर्ण पदकों की संख्या के मामले में उज्बेकिस्तान के बराबर पहुंच गया। इसमें सबसे अहम योगदान महिला गोल्फर प्रणवी उर्स का रहा, जिन्होंने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा। उनके शानदार प्रदर्शन ने टीम के लिए रजत पदक पक्का किया।

क्रिकेट में बरकरार रहा दबदबा

इसके बाद पुरुष क्रिकेट टीम ने दबाव से भरे फाइनल में पाकिस्तान को हराकर एक और स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिया। पुरुष हॉकी टीम ने उम्मीद के मुताबिक स्वर्ण पदक जीता, लेकिन महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक हासिल कर हॉकी दल के लिए इस आयोजन को यादगार बना दिया। यह पहली बार था जब एशियाई खेलों में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते।

कबड्डी में मिली दोहरी सफलता

क्रिकेट और कबड्डी में भी भारत के लिए नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे और इन दोनों खेलों के खिलाड़ियों ने पदक तालिका में चार स्वर्ण पदक जोड़े। उज्बेकिस्तान रविवार को अपने एशियाई खेलों के अभियान का समापन करेगा लेकिन प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत की तेज वापसी को देखते हुए उसके पदक तालिका में अपना स्थान बरकरार रखने की संभावना है।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article