Hockey World Cup 2026: भारतीय हॉकी के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक मनप्रीत सिंह अपने करियर के शायद आखिरी वर्ल्ड कप के लिए तैयार हैं, और इस बार उनका लक्ष्य सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि 51 साल के सूखे को खत्म करना है। दो बार ओलंपिक कांस्य जीत चुकी टीम का हिस्सा रहे मनप्रीत इस बार चौथी बार वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत ने अपना इकलौता हॉकी वर्ल्ड कप 1975 में जीता था। उसके बाद से टीम तीन बार सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई है। इस लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए मनप्रीत ने इसे अपना मिशन बना लिया है।
आखिरी वर्ल्ड कप के लिए तैयार मनप्रीत सिंह
जियोस्टार से बात करते हुए मनप्रीत ने कहा, "यह विश्व कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है, क्योंकि यह मेरा चौथा वर्ल्ड कप है। हमने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं, लेकिन वर्ल्ड कप का पदक अब भी हमारे पास नहीं है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह दोनों बड़े टूर्नामेंट में पदक जीते।" उन्होंने आगे कहा, "संभव है कि यह मेरा आखिरी विश्व कप हो, इसलिए मैं इसी सोच के साथ उतर रहा हूं। जो हम अब तक हासिल नहीं कर सके, उसे पाने के लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं। हमें भावनात्मक रूप से संतुलित रहना होगा, अपनी-अपनी भूमिकाओं पर टिके रहना होगा और पूरे अनुशासन के साथ हॉकी खेलनी होगी।"
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इस बार हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड संयुक्त रूप से कर रहे हैं। भारत को पूल-डी में रखा गया है, जहां उसके साथ वेल्स, इंग्लैंड और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत शनिवार को वेल्स के खिलाफ करेगा। टीम की तैयारियों पर मनप्रीत ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "हमारी टीम में खिताब जीतने के लिए अनुभव और युवा प्रतिभा, दोनों का बेहतरीन मिश्रण है। हमने बहुत अच्छी तैयारी की है और आत्मविश्वास ऊंचा है। ओलंपिक में पदक जीत चुके हैं, अब विश्व कप जीतने का समय है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम फाइनल में पहुंचेंगे।"
पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मुकाबला
पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, "हम चाहे पाकिस्तान के खिलाफ खेलें या किसी अन्य टीम के खिलाफ, हम अपनी रणनीति पर ही कायम रहते हैं। हम प्रतिद्वंद्वी के नाम या उसकी प्रतिष्ठा में नहीं उलझते। हॉकी एक टीम गेम है, अगर कोई एक खिलाड़ी अकेले हीरो बनने की कोशिश करेगा तो टीम को नुकसान होगा। हमें एक-दूसरे पर भरोसा करके एक इकाई के रूप में खेलना होगा।"
