Vivek Sagar Prasad Hockey: भारतीय हॉकी के स्टार मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। 26 साल के विवेक ने सीनियर इंटरनेशनल हॉकी में 200 मैच पूरे कर लिए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में साउथ कोरिया के खिलाफ पूल A के तीसरे मैच के दौरान हासिल की। इस खास मौके पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है। हॉकी इंडिया की प्रेस रिलीज के मुताबिक, विवेक ने 2018 में सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था और पिछले 8 साल में वह टीम के सबसे अहम खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। अपने शांत स्वभाव, वर्सेटिलिटी और मुश्किल मौकों पर टीम के लिए योगदान देने की वजह से वह कोच के पसंदीदा रहे हैं।
विवेक ने साल 2018 में किया था डेब्यू
विवेक का करियर कई यादगार अभियानों से भरा रहा है। वह टोक्यो ओलंपिक 2020 और पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत की ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने 2023 में हांगझोउ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल और 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उनके नाम 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स और 2018 चैंपियंस ट्रॉफी ब्रेडा में सिल्वर मेडल भी है। विवेक ने 2023 और 2024 में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को दो बार चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। साथ ही 2025 एशिया कप जीतने वाली टीम के भी वह हिस्सा थे। भारतीय हॉकी में उनके योगदान के लिए उन्हें 2021 में प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।
कोच ने भेंट की यादगार जर्सी
इस खास मौके को सेलिब्रेट करने के लिए भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने विवेक को 200 मैचों की यादगार जर्सी भेंट की। हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. दिलीप टिर्की ने कहा, "200 सीनियर इंटरनेशनल मैच पूरे करना एक शानदार उपलब्धि है और यह विवेक की निरंतरता, प्रतिबद्धता और भारतीय हॉकी के प्रति जुनून का प्रमाण है। मैं उन्हें इस खास उपलब्धि पर बधाई देता हूं और भारतीय जर्सी में कई और यादगार पलों की कामना करता हूं।"
हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी जनरल भोला नाथ सिंह ने कहा, "विवेक का 200 मैचों तक पहुंचना हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी के लिए गर्व का क्षण है। उनका सफर इंटरनेशनल लेवल पर उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए जरूरी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण को दर्शाता है। विवेक ने भारत के कई यादगार अभियानों में अहम भूमिका निभाई है और यह माइलस्टोन उनके योगदान की उचित पहचान है।"
