Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में भारत ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया है। भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस बार गोल्ड मेडल के मामले में तीरंदाजी सबसे आगे रही, जहां भारत ने 5 गोल्ड मेडल जीते। वहीं भारत को सबसे ज्यादा मेडल एथलेटिक्स ने दिलाए, जिसमें 24 पदक आए। निशानेबाजी में भारतीय दल ने 15 पदक जीते, जिनमें तीन गोल्ड शामिल हैं और मुक्केबाजी में भी भारत ने तीन गोल्ड अपने नाम किए।
मेडल के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा प्रदर्शन
इस बार के एशियन गेम्स में 85 पदकों का आंकड़ा भारत का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा प्रदर्शन है। इससे पहले हांगझोउ 2023 में भारत ने इतिहास रचते हुए 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य सहित कुल 107 पदक जीते थे और चौथे स्थान पर रहा था। यह भारत का पदकों की संख्या के हिसाब से सबसे बड़ा प्रदर्शन था।
कभी पदक तालिका में पहले नंबर पर नहीं रहा भारत
सवाल यह है कि क्या भारत कभी एशियन गेम्स में पदक तालिका में पहले नंबर पर रहा है? चलिए हम आपको बताते हैं कि रैंक के हिसाब से भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कब रहा है। बता दें कि भारत पदक तालिका में कभी भी पहले स्थान पर नहीं रहा है। साल 1951 में शुरू हुए एशियन गेम्स के 75 साल के इतिहास में भारत कभी भी ओवरऑल चैंपियन नहीं बन पाया है। भारत का दबदबा एशियाई खेलों में हमेशा रहा है, लेकिन चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी महाशक्तियों के आगे पहला स्थान हासिल करना हमेशा चुनौती भरा रहा है।
पहले एशियन गेम्स में दूसरा नंबर
पदक तालिका के हिसाब से भारत का सबसे शानदार प्रदर्शन पहले ही एशियन गेम्स में आया था। साल 1951 में जब नई दिल्ली में पहले एशियाई खेलों का आयोजन हुआ था, तब मेजबान रहते हुए भारत ने 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 51 पदक जीतकर पदक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया था। उस समय जापान 24 गोल्ड के साथ पहले स्थान पर था। यह आज तक पदक तालिका में रैंक के हिसाब से भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
1962 में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ रैंक प्रदर्शन 1962 में जकार्ता में आया था। जब भारत 10 स्वर्ण, 13 रजत और 10 कांस्य सहित कुल 33 पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रहा था। इसके बाद भारत कभी टॉप-3 में नहीं आ पाया। 1982 में जब दूसरी बार एशियन गेम्स नई दिल्ली में हुए तो भारत 13 गोल्ड सहित 57 पदक जीतकर 5वें स्थान पर रहा। 1986 सियोल में भी भारत 5वें स्थान पर रहा। 2002 बुसान में भारत 7वें, 2006 दोहा में 8वें, 2010 गुआंगझोउ में 6वें, 2014 इंचियोन में 8वें और 2018 जकार्ता-पालेमबांग में 8वें स्थान पर रहा। 2018 में भारत ने 16 गोल्ड सहित 70 पदक जीते थे। 2023 और 2026 में लगातार दो बार भारत चौथे स्थान पर रहा है, जो पिछले दो दशकों में सबसे बेहतरीन रैंक है। कुल मिलाकर भारत दो बार ही पोडियम रैंक में रहा है- साल 1951 में दूसरे नंबर पर और साल 1962 में तीसरे नंबर पर। वहीं पहला स्थान अभी भी भारत के लिए सबसे बड़ा अधूरा सपना है।
