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भारत के पूर्व महान निशानेबाज व मनु भाकर के कोच जसपाल राणा का हुआ आकस्मिक निधन

Jaspal Rana Death: भारत के पूर्व दिग्गज निशानेबाज और कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाली भारतीय निशानेबाज मनु भाकर के कोच जसपाल राणा का आकस्मिक निधन हो गया है।

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मनु भाकर (बाएं) के कोच व पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा (दाएं) का निधन

Jaspal Rana Death: भारत के पूर्व दिग्गज निशानेबाज और कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाली भारतीय निशानेबाज मनु भाकर के कोच जसपाल राणा का आकस्मिक निधन हो गया है। ताजा खबर के मुताबिक जसपाल राणा कुछ ही दिन पहले सर्जरी से गुजरे थे, लेकिन अब खबर है कि दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया है। वो 49 वर्ष के थे। उन्हें वर्ष 2020 में खेल जगत के सर्वोच्च कोचिंग सम्मान 'द्रोणाचार्य पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।

जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से भारतीय दल की वापसी के दौरान फ्लाइट में जसपाल राणा की तबीयत बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने के बाद वे सीधे अस्पताल गए, जहां उनकी जांच की गई और बाद में उन्हें स्टेंट लगाया गया था। जसपाल राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड और दो सिल्वर सहित कुल चार मेडल जीते।

एक सफल और गौरवशाली निशानेबाजी करियर के बाद राणा ने जूनियर राष्ट्रीय टीम कोच और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनर के रूप में भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कोच के रूप में उनके योगदान में मनु भाकर को ट्रेनिंग देना शामिल है। उनकी देखरेख में मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में ऐतिहासिक दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।

कहां हुआ था जसपाल राणा का जन्म, परिवार के बारे में जानकारी

जसपाल राणा का जन्म 1976 में उत्तराखंड में स्थित उत्तरकाशी के एक गढ़वाली परिवार में हुआ था। जसपाल के खून में ही निशानेबाजी थी। उनके पिता नारायण सिंह राणा 1971 की लड़ाई के अनुभवी सैनिक थे, जिन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में सेवा की और बाद में 2000 में उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री बने। उनके पिता को भी शूटिंग खेलों में दिलचस्पी थी और वे जसपाल के पहले कोच थे। जसपाल के दो भाई-बहन हैं सुषमा सिंह और सुभाष राणा; उनके दोनों भाई-बहन भी कुशल शूटर हैं।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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