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FIFA World Cup के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले पांच खिलाड़ी

FIFA World Cup इंटरनेशनल फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच है। एक ऐसा मंच जहां दिग्गज खिलाड़ी बनते हैं और रिकॉर्ड कायम होते हैं। इस टूर्नामेंट में हासिल की गई कई उपलब्धियों में से, सबसे बड़े मंच पर गोल करना सबसे ज्यादा सराही जाने वाली उपलब्धियों में से एक है। पिछले कुछ सालों में, मुट्ठी भर खिलाड़ियों ने कई World Cup में जबरदस्त गोल करके इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवाया है।

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फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) को शुरु होने में एक महीने से कम का समय बचा है। फुटबॉल फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सभी फुटबॉल फैंस अपने पसंदीदा फुटबॉलर जैसे मेसी, रोनाल्डो और एम्बाप्पे को फील्ड पर गोल करते हुए देखने को बेताब हैं। साल 2022 फीफा वर्ल्ड कप चैंपियन टीम एक बार फिर अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। वहीं, फाइनल में शिकस्त खाने वाली फ्रांस की टीम इस बार खिताब उठाने को बेताब होगी।

फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत 1930 से हुई। इस खूबसूरत खेल ने दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों को एक साथ एक मंच पर ला दिया। इन बीते सालों में अब तक फीफा वर्ल्ड कप के 22 संस्करण खेले जा चुके हैं। इसमें अब तक कुल 964 मैच खेले जा चुके हैं और इन मैचों में कुल 2720 गोल किए गए हैं। आइए जानते हैं फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक के सबसे ज्यादा गोल करने वाले पांच खिलाड़ियों के बारे में।

1. मिरोस्लाव क्लोज - जर्मनी (24 गोल)

मिरोस्लाव क्लोज के नाम फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने ब्राजील में हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान ब्राजील के ही रोनाल्डो के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया। क्लोज को पोचर बोला जाता है। वह बेहतरीन पोजिशनिंग वाले खिलाड़ी हैं और गोल करने का मौका तलाश ही लेते हैं। क्लोज ने लगातार चार वर्ल्ड कप में गोल किए हैं। खास बात यह है कि क्लोज़ ने 2014 में ब्राजील के खिलाफ जर्मनी की यादगार 7–1 की जीत के दौरान रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ा था। क्लोज ने 2002, 2006, 2010 और 2014 के वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और कुल 24 गोल किए हैं।

2. रोनाल्डो नाजारियो- ब्राजील (15 गोल)

रोनाल्डो नाजारियो ('ओ फेनोमेनो') अपनी जबरदस्त रफ्तार और सटीक फिनिशिंग के लिए जाने जाते थे और ब्राजील को पांचवां खिताब दिलाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने आठ गोल किए थे। टूर्नामेंट के दौरान चोट से उबरकर उनकी वापसी को फुटबॉल के इतिहास में सबसे यादगार वापसी में से एक माना जाता है। उन्होंने 2002 के FIFA वर्ल्ड कप में 'गोल्डन बूट' भी जीता था। रोनाल्डो ने साल 1998, 2002, 2006 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और कुल 19 मैच खेले।

3. गर्ड मुलर- पश्चिमी जर्मनी (14 गोल)

गर्ड मुलर, जिन्हें अक्सर द बॉम्बर के नाम से जाना जाता था। वह एक बेहद खतरनाक स्ट्राइकर थे, जिनका प्रति मैच गोल का औसत 1.08 का था। उन्होंने 1970, 1974 के फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और कुल 13 मैच खेले। उन्होंने 1974 के संस्करण में पश्चिम जर्मनी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी, जिसे उन्होंने अपनी धरती पर जीता था। खास बात यह है कि उन्होंने अकेले 1970 के टूर्नामेंट में सिर्फ छह मैचों में 10 गोल किए थे।

4. जस्ट फॉन्टेन - फ्रांस (13 गोल)

फ्रांस के दिग्गज जस्ट फॉन्टेन ने 1958 के फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया। इस मेगा टूर्नामेंट में उन्होंने मात्र 6 मैच खेले और 13 गोल दाग दिए। एक ही टूर्नामेंट में 13 गोल करके फुटबॉल के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा लिया। यह असाधारण उपलब्धि आज भी बेजोड़ बनी हुई है; यह एक ही विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड है और खेल के सबसे बड़े मंच पर उनकी बेमिसाल काबिलियत और जबरदस्त गोल-स्कोरिंग क्षमता का जीता-जागता सबूत है।

5. लियोनेल मेसी- अर्जेंटीना (13 गोल)

अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने साल 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 के फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया। अपनी कप्तानी में लियोनेल मेसी ने साल 2022 में फ्रांस को हराकर खिताब जीता। मेसी ने कुल 26 मैच खेले हैं और 13 गोल किए हैं। मेसी ने अर्जेंटीना को 2014 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचाया, जहां वे जर्मनी से 1–0 से हार गए, लेकिन उन्होंने गोल्डन बॉल जीता। उन्होंने 2018 संस्करण में एक गोल किया, जिसके बाद उन्होंने अर्जेंटीना को 2022 वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हर नॉकआउट मैच में गोल किया, जिसमें फ्रांस के खिलाफ फाइनल में किए गए दो गोल भी शामिल हैं। उन्होंने फिर से गोल्डन बॉल जीता और दो बार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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