स्पोर्ट्स

EXPLAINED: क्यों इतनी खास है फुटबॉल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी, कितना सोना और कितनी कीमत, जानिए 5 जरूरी बातें

FIFA World Cup Trophy Facts: फीफा विश्व कप यानी फुटबॉल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी खेल जगत की सबसे खास ट्रॉफी में से गिनी जाती है। इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी में ऐसा क्या कुछ मौजूद है जो इसे सबसे खास व दिलचस्प बनाता है, हम यहां जानेंगे।

Image

फीफा विश्व कप ट्रॉफी की 5 खास बातें

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • फीफा वर्ल्ड कप 2026
  • फुटबॉल विश्व कप ट्रॉफी की खास बातें
  • क्यों सबसे अलग है फुटबॉल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी

Facts About FIFA World Cup Trophy: फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने में अब कुछ ही समय बचा है। अगले महीने 19 जून को जब इतिहास में पहली तीन देश फुटबॉल के इस महाकुंभ की मेजबानी करेंगे तो पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिक जाएंगी। वैसे तो इस बार फीफा वर्ल्ड कप में बहुत कुछ अलग होने वाला है लेकिन फिर भी अंत में सबकी नजरें टिक जाती हैं उस एक कीमती ट्रॉफी पर जो अंत में विजेता टीम उठाती है और फिर विजयी देश में जश्न का माहौल कभी ना थमने वाला होता है। ये ट्रॉफी कितनी अनमोल है और इसका महत्व फुटबॉल प्रेमियों के लिए कितना है, ये तो हम सब जानते हैं, लेकिन यहां आपको बताएंगे कि आखिर इस ट्रॉफी की वो कौन सी 5 खास बातें हैं जो इस प्राइज को बाकी सभी अलग ट्रॉफियों से अलग बनाता है।

1. वर्ल्ड कप की पहली ट्रॉफी नहीं, क्या है हकीकत?

दरअसल, जिस तरह क्रिकेट में वर्ल्ड कप ट्रॉफी समय के साथ बदलती रहीं और अब जाकर एक ट्रॉफी पर बात जाकर थमी है। वैसा ही कुछ फुटबॉल में भी हो चुका है। फीफा विश्व कप की जो सोने सी चमचमाती ट्रॉफी आज आप देखते हैं, वो टूर्नामेंट की प्रारंभिक ट्रॉफी नहीं है। सबसे पहले जूलस रिमेट ट्रॉफी बनी थी, जो सोने की परत चढ़े स्टर्लिंग चांदी से बनी थी और इसमें दस भुजाओं वाला कप था, जिसे नाइके का प्रतिनिधित्व करने वाली एक पंखों वाली आकृति द्वारा समर्थित किया गया था, जो जीत की प्राचीन ग्रीक देवी है। 1970 में ब्राजील द्वारा अपना तीसरा खिताब जीतने के बाद, टीम ने उस ट्रॉफी को अपने पास रख लिया, जिससे फीफा नई ट्रॉफी बनाने के लिए प्रेरित हुआ और आज हम उसी ट्रॉफी को देखते हैं।

2. फुटबॉल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी में कितना सोना लगा है?

फीफा विश्व कप की ट्रॉफी को जब भी दुनिया भर के फैंस देखते हैं तो सबकी नजरें इसकी चमक पर टिक जाती हैं। सवाल यही होतें हैं कि क्या ये ठोस सोने की है, ये कैसे बनी है, कितना सोना लगा होगा? चलिए आपको बताते हैं कि इस ट्रॉफी का निचला हिस्सा ग्रीन मेलेशाइट पत्थर का बना है। इसका वजन 6.142 किलोग्राम है। अगर आपको लगता है कि ये ट्रॉफी ठोस है, तो ऐसा नहीं है, अंदर ये खोखली ही है। इसके ऊपर सोने की परत ही इसका असल मूल्य तय कर देती है। जो सोना इस पर लगा है वो तकरीन 5 किलो शुद्ध सोना है।

3. कितनी है फीफा विश्व कप ट्रॉफी की असल कीमत?

फीफा विश्व कप ट्रॉफी की असल कीमत की बात करें तो इसको लेकर तमाम तरह की रिपोर्ट्स आती रही हैं और उतना ही डर इसकी चोरी को लेकर रहा है, जिसकी वजह से ही इसको लेकर तमाम चर्चाएं रही हैं और उतनी ही सुरक्षा भी। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक फीफा विश्व कप ट्रॉफी की मौजूदा कीमत तकरीबन 5 लाख 50 हजार यूएस डॉलर है। यानी तकरीबन 5 करोड़ 30 लाख रूपये।

FIFA World Cup Trophy

FIFA World Cup Trophy

4. इस ट्रॉफी को छूना मना है !

फुटबॉल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी के बारे में एक दिचलस्प बात ये भी है कि इस ट्रॉफी को छूना मना है। इसके कुछ अनाधिकारिक नियम और कानून हैं जो तय किए गए हैं। ये नियम से ज्यादा एक परंपरा है जिसका खिलाड़ी पालन करते हैं। फाइनल से पहले इस ट्रॉफी को कोई खिलाड़ी छू नहीं सकता है। सिर्फ विजेता टीम ही अंत में इस ट्रॉफी को छू सकती, उठा सकती है और जश्न मना सकती है, हालांकि बाद में ये तुरंत लौटानी भी होती है। खिलाड़ियों को अलावा सिर्फ राष्ट्रध्यक्ष ही इस ट्रॉफी को छू सकते हैं। बाकी सभी को इसको लाने और ले जाने के लिए हाथों में दस्ताने पहनना अनिवार्य होता है।

FIFA World Cup Trophy Handled With Gloves

FIFA World Cup Trophy Handled With Gloves

5. क्या विजेता टीम को मिलती है असली ट्रॉफी या वो कहीं और ही रखी है?

तमाम खेलों में ये परंपरा रही है कि विजेता टीम फाइनल जीतने के बाद उठाती तो असल ट्रॉफी है लेकिन उसको ले जाने के लिए मिलती है रेप्लिका (Replica) यानी हूबहू उससे मिलती-जुलती ट्रॉफी, लेकिन असल ट्रॉफी नहीं। ऐसा ही कुछ फीफा विश्व कप में भी है। जो ट्रॉफी विजेता टीम अपने घर ले जाती है वो असली ट्रॉफी नहीं होती। अब सवाल है कि आखिर असली ट्रॉफी रखी कहां है। दरअसल, असली ट्रॉफी स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में स्थित फीफा संग्राहलय में सुरक्षित रखी हुई है।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article